वाराणसी जिले के परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों का आधार कार्ड अनिवार्य है। कक्षा एक से आठ तक छात्र-छात्राओं का आधार कार्ड बनवाकर उसका नंबर प्रेरणा पोर्टल पर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। अभी तक सिर्फ पचास फीसदी छात्रों का ही आधार कार्ड बन सका है। हालांकि, धीमी चल रही प्रक्रिया को लेकर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश सिंह ने प्रधान डाकघर के पोस्टर मास्टर जर्नल से मुलाकात भी की थी। जिसके बाद थोड़ी तेजी आई, लेकिन ग्रीष्मावकाश शुरू होने से आधार बनाने की प्रक्रिया पर संकट गहरा रहा है।
जिले के आठ ब्लॉक व एक नगर क्षेत्र के 1144 स्कूलों में दो लाख 50 हजार 359 बच्चे नामांकित हैं। 76,129 बच्चे इस साल नामांकित हुए हैं। बच्चों का आधार कार्ड बनवाने के लिए ब्लॉक संसाधन केंद्रों पर आधार किट दिए गए हैं। अभियान चलाकर बच्चों का आधार बनना है। अगर बच्चों का आधार कार्ड नहीं बनता तो वो योजनाओं का लाभ नहीं उठा पाएंगे।
पिछले दिनों सचिव बेसिक शिक्षा ने सभी जिलों के बीएसए को आधार किट को क्रियाशील करा 20 अप्रैल तक औपचारिकताएं पूरी कराने का निर्देश दिया था। कार्य पूरा न होने के कारण 10 मई तक इसे पूरा करने को कहा गया, लेकिन आधार किटों में तकनीकी दिक्कतों के चलते समयसीमा 20 मई कर दी गई थी। अब तक एक लाख 75 हजार बच्चों का अब तक आधार बन चुका है। बीएसए ने बताया कि जिले में 70 फीसदी बच्चों का आधार बन चुका है, आधार बनाने की प्रक्रिया अभी जारी है। जल्द ही इसे पूर्ण कर लिया जाएगा।