गुरु बंदे आश्रम छितौना में चल रहे स्वर योग साधना के दूसरे दिन मंगलवार को स्वामी जय गुरुबंदे महाराज ने कहा कि वास्तविक सद्गुरु वही है जो मनुष्य के हृदय में प्रेम, करुणा और आत्मज्ञान का प्रकाश जगाता है।धर्मग्रंथों का ज्ञान कराने वाले व्यक्ति शिक्षक या विद्वान हो सकते हैं, लेकिन सद्गुरु का स्थान उसे ही मिलता है जो साधक को आत्म साक्षात्कार का मार्ग दिखाए। उन्होंने कहा कि सच्चे संत और महापुरुष अपने आध्यात्मिक ज्ञान से समाज को नई दिशा प्रदान करते हैं। उनके सानिध्य में रहने वाला साधक भी आत्मकल्याण की ओर अग्रसर होता है। श्रद्धालुओं ने भजन, ध्यान और स्वर योग साधना में भाग लिया। कथा श्रवण करने सकलडीहा के विधायक प्रभु नारायण सिंह यादव, विधायक सुरेंद्र यादव और पूर्व ब्लाक प्रमुख बाबूलाल यादव आदि पहुंचे थे।