हॉस्टल के छात्रों के अनुसार बुधवार की दोपहर आशीष अपने कमरे में बिस्तर पर अचेत पड़ा हुआ था और दरवाजा खुला हुआ था। आशीष के शरीर का रंग हरा प्रतीत हो रहा था। अनहोनी की आशंका में आननफानन उसे सर सुंदर लाल अस्पताल ले जाया गया। उसकी हालत गंभीर देख कर डॉक्टरों ने उसे आईसीयू में शिफ्ट किया।
उपचार के दौरान ही गुरुवार सुबह उसकी मौत हो गई। इस संबंध में एसीपी भेलूपुर प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि छात्र अवसाद ग्रस्त था। वह पहले भी आत्महत्या का प्रयास कर चुका था। बीएचयू में मनोचिकित्सक की देखरेख में उसका उपचार भी चल रहा था। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
बीएचयू प्रशासन और लंका थाने की पुलिस के अनुसार जांच में यह सामने आया है कि आशीष मार्च 2022 में कीटनाशक पदार्थ मंगवाया था। आशीष से छात्रों ने पूछा था कि कीटनाशक क्यों मंगवाए हो तो उसका कहना था कि घर ले जाना है। हालांकि वह कीटनाशक पदार्थ घर नहीं ले गया और हॉस्टल में अपने पास ही सहेज कर रखा हुआ था।
वहीं, बीएचयू अस्पताल के डॉक्टरों ने कहा कि छात्र ने जिस कीटनाशक पदार्थ का सेवन किया था वह बेहद ही घातक किस्म का होता है। कीटनाशक पदार्थ का सेवन कर वह अपने कमरे में ही लेट गया था और समय से किसी को जानकारी नहीं हो सकी। गुरुवार सुबह उसकी स्थिति थोड़ी सुधरी थी, लेकिन तबीयत अचानक फिर बिगड़ी और शरीर के अंगों ने काम करना बंद कर दिए।