पाम सन्डे पर कैंटूमेन्ट के बड़े चर्च में खाजूर की डाली का जुलूस निकाला गया ,अमर उजाला
मसीही समुदाय ने पाम संडे यानी खजूर इतवार मनाया। खजूर की डालियों के साथ जुलूस निकाले और चर्चों में पूजा और प्रार्थना सभा हुई। छावनी स्थित महागिरजा में भी जुलूस निकालकर प्रार्थना हुई। प्रभु यीशु के पकड़े जाने और मृत्युदंड के वृदांत का श्रवण किया।
गुड फ्राइडे तीन और ईस्टर पांच अप्रैल को मनाया जाएगा। प्रभु यीशु के यरूशलेम शहर में प्रवेश को पाम संडे के रूप में मनाया जाता है। मसीहियों ने सेंट मेरिज स्कूल से महागिरजा तक पाम संडे पर जुलूस निकाला। उन्होंने चर्च की परिक्रमा की। काशी धर्म प्रांत के बिशप फादर यूजीन जोसेफ ने पुरोहितों के साथ मिसा पूजा की। सेंट पॉल्स चर्च सिगरा में जुलूस निकाला गया। उन्होंने प्रभु यीशु मसीह के यरूशलेम में विजयी प्रवेश की पवित्र स्मृति को नाटक के जरिये प्रस्तुत किया। पादरी संजय दान ने अपने संदेश में खजूर इतवार के महत्व के बारे में बताया। कहा कि प्रभु यीशु की शिक्षा सच्ची शांति और विश्व कल्याण का मार्ग दिखाती हैं। स्वागत चर्च के सचिव नितिन विल्फ्रेड प्रसाद ने किया। लाल चर्च, तेलियाबाग, गिरजाघर सहित अन्य चर्चों में भी पाम संडे मनाया गया।
आज से करेंगे पापों से क्षमा याचना : फादर फिलीप ने बताया कि बृहस्पतिवार को विशेष पूजा होगी। पुरोहित मसीहियों के पांव धोएंगे। तीन अप्रैल को प्रभु यीशु को सूली पर चढ़ाने के बाद चार अप्रैल की रात में प्रभु यीशु के जी उठने की खुशी मनाई जाएगी।
पाम सन्डे पर कैंटूमेन्ट के बड़े चर्च में खाजूर की डाली का जुलूस निकाला गया ,अमर उजाला