वाराणसी। अखिल भारतीय महिला सम्मेलन की विदिशा शाखा ने सावन के सिंधारे का कार्यक्रम ‘धरोहर’ आयोजित किया। इस आयोजन में मारवाड़ी समाज की परंपराओं, राजस्थानी संस्कृति और तीज के उल्लास की सुंदर झलक देखने को मिली। सावन में तीज पर मारवाड़ी समाज में बहू-बेटियों का सिंधारा करने की परंपरा प्रचलित है। इस अवसर पर बहन-बेटियां सज-संवरकर आती हैं, नृत्य-गीत करती हैं और मनपसंद व्यंजनों का आनंद लेती हैं । इसी परंपरा को जीवित रखने के उद्देश्य से विदिशा शाखा ने ‘धरोहर’ कार्यक्रम आयोजित किया। संस्था की अध्यक्ष सरोज तुलस्यान, सचिव प्रीति बाजोरिया, कोषाध्यक्ष चंदन खेमका, संयोजिकाओं मधु तुलस्यान, मीनू पोद्दार एवं श्वेता केडिया ने सभी सदस्याओं का स्वागत किया।