शहर में हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण को बेहतर करने की दिशा में लगातार नगर निगम प्रयास कर रहा है। डोमरी, कंचनपुर, करसड़ा के अलावा सारनाथ के सारंग तालाब में भी मियावाकी वन तैयार होगा। यह शहर का चौथा मियावाकी वन होगा, जहां 40 हजार पौधे लगाए जाएंगे। इस परियोजना से न केवल शहर की वायु गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि यह स्थानीय जैव विविधता को भी बढ़ावा देगा। मियावाकी पद्धति जापान की एक अनूठी वनस्पति तकनीक है। जो सघन वनों को अत्यंत कम समय में विकसित करने की क्षमता रखती है।