प्राथमिक विद्यालय के बच्चों की ही तरह आंगनबाड़ी केंद्र के प्री प्राइमरी स्तर के बच्चों का भी निपुण असेसमेंट कराया जाएगा। इस संबंध में निर्देश डीएम सत्येंद्र कुमार ने सोमवार को जिला पोषण समिति की बैठक में दिए।
कलेक्ट्रेट सभागार में पोषण समिति की बैठक में डीएम ने निर्देश दिए कि पोषण के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्र पर बच्चों की पढ़ाई पर भी ध्यान दिया जाए। कहा कि यही बच्चे प्राथमिक विद्यालय में कक्षा एक में प्रवेश लेते हैं। इसलिए इनकी स्कूल रेडीनेश प्रोग्राम के तर्ज पर तैयारी कराई जानी चाहिए। उन्होंने निर्देशित किया कि आंगनबाड़ी केंद्र पर शैक्षिक गतिविधियों का दैनिक कैलेंडर जारी किया जाए और इसकी विधिवत मॉनीटरिंग की जाए। आवश्यकतानुसार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण भी कराया जाए और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रावधानों के अनुसार 3 से 6 वर्ष के बच्चों हेतु निर्धारित निपुण लक्ष्य समय से हासिल किया जाए।
आंगनबाड़ी के बच्चों के लिए निपुण लक्ष्य के अंतर्गत आकृति एवं आकार ( शेप एंड साइज) का ज्ञान, रंगो की पहचान, हिंदी एवं अंग्रेजी वर्णमाला और 1 से 20 तक की गणना व बिना मात्रा के दो अक्षरों वाले कम से कम पांच शब्दों को पढ़ने का मानक रखा गया है। डीएम ने सभी बाल विकास परियोजना अधिकारियों को निर्देशित किया कि मई महीने तक नियत मानक के आधार पर बच्चों का असेसमेंट कर लिया जाए और जो बच्चे मानक पूर्ण कर रहे हों, उनका प्राथमिक विद्यालय में दाखिला करा दिया जाए। जो बच्चे पिछड़ रहे हों उन पर विशेष रूप से ध्यान देकर 2 महीने में निपुण बनाया जाए। बच्चों को एक असेसमेंट कार्ड भी दिया जाए जिससे अभिभावकों में अपने बच्चों की प्रगति की जानकारी हो सके।
जिला कार्यक्रम अधिकारी डीके सिंह ने समिति को बताया कि जनपद में संचालित 3914 आंगनबाड़ी केंद्रों पर 5 से 6 वर्ष की आयु के 26,664 बच्चे पंजीकृत हैं जिनका निपुण एसेसमेंट कराया जाएगा। बैठक में जिलाधिकारी द्वारा गंभीर कुपोषित बच्चों के साप्ताहिक फॉलो अप और उनके खान-पान पर विशेष निगरानी का निर्देश दिया गया। बैठक में सीडीओ प्रखर कुमार सिंह, एसीएमओ डॉ संजय राय मौजूद रहे।