वाराणसी के सिगरा फातमान रोड पर मंगलवार सुबह चलती एंबुलेंस में आग लग गई। आग की लपट इतनी तेज थी कि कुछ ही देर में एंबुलेंस जल कर खाक हो गई। इस घटना में सबसे अच्छी बात यह रही कि ड्राईवर ने होशियारी दिखाते हुए जच्चा-बच्चा सहित पांच लोगों की जान बचा ली।
हादसा तब हुआ जब यह एंबुलेंस कबीरचौरा महिला अस्पताल से बीएचयू जा रही थी। दमकल की गाड़ियां जब तक वहां पहुंचती तबतक एंबुलेंस जल कर राख हो गई थी। एंबुलेंस में लगी आग को देख लोगों के रोंगटे खड़े हो गए।
घटना की जानकारी होते ही प्रशासनिक अमले में खलबली मच गई। ड्राईवर ने होशियारी नहीं दिखाई होती तो छह दिन के नवजात के साथ पांच लोग जिंदा जल जाते। ड्राईवर धीरेंद्र ने न केवल उन्हें जल्द से जल्द एंबुलेंस उतारा बल्कि जल्द ही उन्हें दूसरी गाड़ी से बीएचयू के लिए भेजा।
धीरेंद्र ने बताया कि सुबह 07 बजकर 50 मिनट पर कबरीचौरा अस्पताल से निकले। बच्चे की हालत ज्यादा खराब थी,वह ऑक्सीजन पर था। एंबुलेंस में बच्चे की मां के साथ उनके दो रिश्तेदार एक मेडिकल टेक्नीशियन था।
मरीज बलिया जिले के रहने वाले थे। गाड़ी जैसे ही फातमान रोड पर पहुंची तो इंजन से धुंआ निकलते दिखा। दो सेकेंड में धुंआ ज्यादा तेज हो गया। मैंने एक पल गवाए गाड़ी रोक दी और मेडिकल टेक्नीशियन को इशारा कर दिया। उसने झट से दरवाजा खोला और बच्चे सहित सभी को गाड़ी से बाहर निकाला।