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मां की आखिरी झलक भी नसीब नहीं: फ्लैट में अकेली रहने वाली महिला की हुई मौत, बेटी ने वीडियो कॉल पर देखा शव

Fri, 17 Apr 2026 12:04 PM IST
वाराणसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

वाराणसी जिले में फ्लैट में अकेली रहने वाली 70 साल की मां की मौत हो गई। घटना के बाद सऊदी से बेटी ने वीडियो कॉल पर मां का शव देखा। उसने पुलिस से आग्रह किया कि पोस्टमार्टन न कराया जाए। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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वाराणसी कमिश्नरेट के दुर्गाकुंड क्षेत्र के कबीर नगर कॉलोनी में एमआईजी बिल्डिंग के फ्लैट में माधुरी विश्वास (70) की मौत हो गई। सऊदी अरब में रहने वाली बेटी देबूश्री ने वीडियो कॉल पर मां के शव को देखा। पुलिस से आग्रह किया कि मां की मौत स्वभाविक है और उनका पोस्टमार्टम न कराया जाए। भेलूपुर पुलिस ने बृहस्पतिवार सुबह पंचनामे के बाद शव रिश्तेदारों को सौंपा। दाह संस्कार कर दिया गया।
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क्या है मामला
बीएचयू एसएस अस्पताल में नर्स से सेवानिवृत्त माधुरी विश्वास दुर्गाकुंड में फ्लैट में अकेले रहती थी। सुबह अस्पताल ले जाने के लिए माधुरी ने कैब बुलाया था। कैब चालक फ्लैट पर पहुंचा और दरवाजा खटखटाया तो कोई उत्तर नहीं मिला। फोन भी नहीं उठा। 20 से 25 मिनट तक वह परेशान रहा। तब तक दूध वाला पहुंचा और फिर भी दरवाजा नहीं खुला। आसपास के लोग भी माधुरी के फ्लैट के बाहर जुटे और कॉलोनी के रहने वाले आशीष ने डायल-112 पर सूचना दी। 

दुर्गाकुंड चौकी इंचार्ज विकास मिश्रा, अन्य कांस्टेबल समेत महिला आरक्षी के साथ पहुंचे और किसी तरह बाथरूम के पीछे से फ्लैट में दाखिल हुए। पुलिस ने देखा कि बिना कपड़ों के माधुरी बेड पर पड़ी थीं। फॉरेंसिक टीम भी पहुंची और छानबीन की। रात में माधुरी ने स्नान किया और कपड़े बाल्टी में थे। दूसरे कपड़े उन्होंने बेड पर रखा था। 
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वीडियो कॉल पर बेटी ने चौकी इंचार्ज को बताया कि मां की तबीयत खराब रहती थी, उन्हें हार्ट की बीमारी थी। बुधवार रात 10 बजे मां से आखिरी बार बात हुई थी। मां ने कहा था कि सुबह कैब बुलाकर अस्पताल दिखाने जाएंगी। वीडियो कॉल पर बेटी ने मां के शव को देखा। इस बीच देबूश्री की मौसी की बहू कमच्छा निवासी हीनादास और उनके रिश्तेदारों को बुलाया गया। 

एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार ने बताया कि बेटी ने उच्चाधिकारियों को लिखित प्रार्थना पत्र और वीडियो रिकॉर्डिंग भेजकर पोस्टमार्टम नहीं कराने का आग्रह किया, जिस पर पंचनामा के बाद शव रिश्तेदारों को सौंप दिया गया।
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