रामनगर। सामनेघाट से बलुआघाट रामनगर तक गंगा पर बने पांटून पुल को लोक निर्माण विभाग ने सोमवार को फिर जर्जर गार्डर, नटबोल्ट और खराब हो चुके स्लीपरों से ही तैयार कर दिया। यहीं नहीं शाम ढलते ही पुल को आवागमन के लिए खोल भी दिया गया।
गौरतलब है कि रविवार की शाम आई तेज आंधी से पीपे का पुल टूट गया था। बीच से पुल ने अर्द्धचंद्राकार आकार ले लिया था और रामनगर की ओर किनारे का एक पीपा पुल से अलग हो गया था। पुल पर आवागमन बाधित होने से सोमवार को शहर में आने वाले लोगंों को काफी दुश्वारियों का सामना करना पड़ा। साइकिल सवार और पैदल आने-जाने वालों ने गंगा को पार करने के लिए नावों एवं स्टीमरों का सहारा लिया। लेकिन, चार पहिया वाहन सवारों को वापस होना पड़ा। लोक निर्माण विभाग की ओर से पुल टूटने का सूचना बोर्ड भी नहीं लगाया गया था। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता कन्हैया झा ने बताया कि तेज आंधी और हवा के दबाव के चलते एक पीपा पुल से अलग हो गया था। उनका कहना है कि आंधी के चलते गंगा में लहरें उठने लगती हैं। इससे पूरा का पूरा पुल हिलने लगता है। इस दौरान ऐहतियातन पुल पर आवागमन रोक दिया जाता है।