वाराणसी। रायबरेली के सोलोन गांव से अपहृत कर पश्चिमी बंगाल ले जाई जा रही आठ वर्षीय बच्ची को जीआरपी ने अपहरणकर्ता के चंगुल से मुक्त कराया। कैंट स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या एक से बुधवार को पकड़ा गया आरोपी बच्ची को लेकर ट्रेन पकड़ने के लिए बैठा था। बाद में आरोपी और बच्ची को सूचना पर आई रायबरेली पुुलिस के हवाले कर दिया गया।
रायबरेली के सोलोन थाना क्षेत्र के सोलोन गांव निवासी नवीशेख की आठ वर्षीया पुत्री तिलिस्ता का अपहरण 18 मार्च को हुआ था। इस मामले में सोलोन गांव के ही निवासी बराती को अभियुक्त बनाया गया था। बुधवार की दोपहर कैंट के प्लेटफार्म संख्या एक पर एक व्यक्ति के साथ बैठी बच्ची रो रही थी। उसे देख जीआरपी जवानों को शक हुआ। जीआरपी उस व्यक्ति को थाने में ले गई और पूछताछ शुरू कर दी। इस दौरान उसने अपना नाम बराती बताया। कड़ाई से पूछताछ के दौरान उसने सच्चाई उगल दी। उसने बताया कि वह बच्ची को लेकर पश्चिम बंगाल जा रहा था। बराती के खिलाफ रायबरेली के सोलोन थाने में 363 और 372 के तहत मुकदमा दर्ज है। इसकी सूचना पर आई रायबरेली पुलिस बच्ची तिलिस्ता तथा बराती को साथ ले गई।