वाराणसी। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय की सुरक्षा को धता बताते हुए चोरों ने मंगलवार की रात परिसर स्थित वाग्देवी मंदिर का ताला तोड़ दिया। चोर आलमारी से देवी के कीमती आभूषण, पंद्रह साडि़यां और दानपात्र के पैसे समेट ले गए। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट ने जांच पड़ताल की। डाग स्क्वायड का कुत्ता गेट तक जाकर ठहर गया। पुलिस इस मामले में परिसर में रहने वालों पर संदेह जता रही है। कुलपति प्रो. बिंदा प्रसाद मिश्र ने भी घटनास्थल का जायजा लिया।
विश्वविद्यालय में प्रवेश करते ही परिसर में वाग्देवी का भव्य मंदिर है। चोर बीती रात चोर मंदिर के दक्षिणी गेट का ताला तोड़कर घुसे। दानपात्र का ताला तोड़कर पैसे समेटने के बाद चोरों ने आलमारी का ताला तोड़कर वाग्देवी का सोने का हार, नथिया, करधनी के साथ पंद्रह साडि़यां समेट लिया। मंदिर के पुजारी अवनीश कुमार द्विवेदी सुबह जब पूजा करने के लिए पहुंचे तो तालों को टूटा देख सकते में आ गए। उन्होंने घटना की जानकारी मंदिर के व्यवस्थापक रामपूजन पांडेय को दी। कुछ ही समय में मामला विश्वविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंच गया। कुलपति प्रो. बिंदा प्रसाद मिश्र ने मौके का मुआयना करने के बाद पुलिस को सूचना दी। कुलपति ने मातहतों से बातचीत के दौरान विश्वविद्यालय परिसर के लोगों पर ही शक जताया है। सीओ चेतगंज ने घटना का जायजा लेने के बाद व्यवस्थापक से पूछताछ की। मंदिर के पुजारी अवनीश और परिचारक महेंद्र यादव 1998 से मंदिर में कार्यरत हैं। पूजा-पाठ के बाद दोनों रात में ताला बंद कर आवास पर चले जाते हैं। गेट पर गार्ड भी तैनात रहते हैं। पुलिस पूछताछ के आधार पर चोरों की तलाश कर रही है।