वाराणसी। वाणिज्य कर विभाग को टेलीकाम कंपनियां हर साल करोड़ों रुपये का चूना लगा रही हैं। इसका खुलासा हुआ है मुगलसराय और वाराणसी में विभागीय अधिकारियों की आकस्मिक जांच के दौरान। वाणिज्य कर विभाग के अधिकारियों ने मुगलसराय में जहां यूनीनार कंपनी का कर चोरी का 75 लाख का माल पकड़ा वहीं वाराणसी में एयरटेल का 85 लाख और यूनीनार का 70 लाख रुपये का माल हत्थे लगा।
मुगलसराय सचल दल इकाई के वाणिज्यकर अधिकारी अखिलेश सिंह यादव ने यूनीनार कंपनी का कोलकाता से माल लेकर आ रहा वाहन पकड़ा। इस पर लगभग 75 लाख रुपये कर चोरी का माल लदा था। इससे लगभग 30 लाख रुपये टैक्स की वसूली की जाएगी। दूसरी ओर वाराणसी सचल इकाई के वाणिज्यकर सहायक आयुक्त अशोक कुमार सिंह ने एयरटेल कंपनी का 85 लाख और यूनीनार का 70 लाख रुपये का माल पकड़ा। दोनों कंपनियों से 62 लाख टैक्स की वसूली की जाएगी। एयरटेल का सामान लेकर आ रही गाड़ी के ड्राइवर ने फार्म 38 तो अपने पास रखा था, लेकिन उसमें कुछ भरा नहीं गया था। तीनों में मामले कंपनियों को नोटिस जारी कर दी गई है।
अधिकारियों की मानें तो टेलीकाम कंपनियों की कर चोरी का तरीका भी अजब है। ये कंपनियां माल तो फार्म 38 से मंगाती हैं, लेकिन एक फार्म का उपयोग कई बार करती हैं। जब तक कोई अधिकारी इस पर हस्ताक्षर न कर दे तब तक माल मंगाने का काम जारी रहता है। कई कंपनियां माल के साथ फार्म 38 सादा भेज देती हैं, जबकि कुछ कंपनियां फार्म में कालम तो भर देती हैं परंतु डेट छोड़ देती हैं ताकि जांच के दौरान तुरंत भरा जा सके।