वाराणसी। चाइना यूथ यूनिवर्सिटी के करीब 100 छात्र-छात्राओं का दल रविवार को बीएचयू में भारतीय संस्कृति के मर्म को जाना। विश्वविद्यालय के पंडित ओंकारनाथ ठाकुर प्रेक्षागृह में रविवार को यहां के छात्र-छात्राओं ने कथक और भरतनाट्यम की मनोहारी प्रस्तुति देकर चीनी युवाओं को न सिर्फ मंत्रमुग्ध किया बल्कि भारतीय संस्कृति से भी उनका परिचय कराया। बीएचयू में पढ़ रही चीनी छात्राओं ने जब उपशास्त्रीय नृत्य पेश किया तो लोग देखते रह गए।
दोनों देशों की साहित्यिक और सांस्कृतिक पहलुओं से रूबरू होने के लिए संगीत एवं मंच कला संकाय की ओर से आयोजित कार्यक्रम में विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम का निर्देशन कर रहे छात्र अधिष्ठाता डा. विनय कुमार सिंह ने कहा कि भारत और चीन के युवाओं के बीच सांस्कृतिक विचारों का आदान-प्रदान का होना अनुकरणीय है। चीनी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे यूनिवर्सिटी के वाइस प्रेसिडेंट प्रो. ली जिलाहुआ ने कहा कि इससे सांस्कृतिक और साहित्यिक संबंध मजबूत होंगे। इस अवसर पर संगीत एवं मंच कला संकाय की छात्रा जया शाही ने दादरा और छात्र आदित्य सारस्वत ने गजल पेश की। डा. राजेश शाह के निर्देशन में म्यूजिक आर्केस्ट्रा की प्रस्तुति हुई। डा. पीसी होम्बल और निधि नागर के निर्देशन में कथक और भरतनाट्यम में पेश की गई गंगा स्तुति चीनी दल को भावविभोर कर गई। इस मौके पर छात्र अधिष्ठाता डा. विनय कुमार सिंह ने प्रो. ली जिआहुआ और युवा एवं खेल मंत्रालय की उपसचिव रेनू सरीन को स्मृति चिह्न भेंट किया। स्वागत कला संकाय के विदेशी भाषा विभाग की प्रो. अदिति झा ने किया। इंटरनेशनल सेंटर बीएचयू के चेयरमैन प्रो. मल्लिकार्जुन जोशी, उप समन्वयक प्रो. एचपी माथुर, प्रो. कल्पना, डा. सीमा तिवारी, डा. सुमन सिंह मौजूद रहे। संचालन डा. केके दत्ता ने किया।