वाराणसी (ब्यूरो)। पंजीकृत सट्टा और मुख्तारेआम को रद्द कराए बगैर अस्सी स्थित चार बीघे जमीन को बैनामा कराने के एक मामले में पूर्व राज्यसभा सांसद कमलनाथ मोरारका समेत छह लोगों को कोर्ट ने धोखाधड़ी और कूटरचना के आरोप में छह दिसंबर को तलब किया है।
एसीजेएम तृतीय की अदालत में हनुमान घाट भेलूपुर निवासी श्रीनाथ गिरी ने अधिवक्ता वीरेंद्र श्रीवास्तव और देशरत्न श्रीवास्तव के जरिये परिवाद दाखिल किया था। आरोप लगाया कि अस्सी स्थित जिस भूखंड का उसने रविनंदन प्रसाद से सट्टा और मुख्तारेआम कराया था उसी भूखंड को मुंबई के एमआर मुरारका फाउंडेशन नामक ट्रस्ट ने सट्टा तथा मुख्तारेआम रद्द कराए बगैर रविनंदन प्रसाद से अवैध तरीके से बैनामा करा लिया। इस मामले में परिवादी और दो गवाहों का बयान कोर्ट में दर्ज हुआ। इसके बाद अदालत ने पूर्व सांसद और बीसीसीआई सदस्य कमलनाथ मोरारका समेत छह आरोपियों को आईपीसी की धारा 419, 420, 467, 468, 406 के तहत बतौर आरोपी तलब किया है। कमलनाथ मोरारका संबंधित ट्रस्ट के अध्यक्ष बताए गए हैं।