वाराणसी। जिला जेल के चिह्नित सोलह बंदियों की मुलाकात अब पुलिस के पहरे में होगी। ये बंदी सप्ताह में दो दिन ही मुलाकात कर सकेंगे। शासन ने जेल प्रशासन को यह आदेश दिया है। सूत्रों के मुताबिक जेल से गैंग चलाने के मद्देनजर यह आदेश हुआ है। बंदी अपने गुर्गों के माध्यम से व्यापारियों को जेल में मुलाकात के लिए बुलाते थे।
अर्दली बाजार में महेश जायसवाल और दालमंडी में शेखू की हत्या की साजिश भी जेल में रची गई थी। जेल में बंद बदमाश गुर्गों के माध्यम से रंगदारी मांगते थे। कुछ खास गुर्गे ही बंदियों से कई बार मुलाकात करते थे। जेल पर कई बार उंगलियां भी उठीं। इसके मद्देनजर आईजी जेल रमेश प्रताप सिंह ने जिला जेल को पत्र भेजा है। कुख्यात बंदियों की सूची तैयार कर उनकी मुलाकात पर नकेल कसने का निर्देश दिया गया है। अब बंदियों से मिलने वाले लोगों की सूची बंदी को पूर्व में ही देनी होगी। मुलाकात से पहले पुलिस उनका सत्यापन कराएगी। सोमवार और शुक्रवार को ही चिह्नित बंदियों की मुलाकात होगी। इस दौरान एक एलआईयू इंस्पेक्टर और दो कांस्टेबिल मौजूद रहेंगे। आदेश के मद्देनजर जेल प्रशासन ने झुन्ना, अनिल चंदू, योगेश, राम सिंह, हैदर और सन्नी समेत सोलह बंदियों की सूची तैयार की है। इन सभी से मिलने वालों की सूची मांगी गई है। जेल अधीक्षक आशीष तिवारी का कहना है कि इन सोलह बंदियों से उनसे मिलने वालों की सूची मांगी गई है। फिलहाल अभी किसी बंदी ने सूची नहीं दी है। मुलाकात करने वालों की सूची मिलने तक मुलाकात रोक दी गई है।