सेवापुरी। केंद्रीय गृह मंत्रालय की संयुक्त निदेशक बी राधिका ने कहा कि कपसेठी थाने में संचालित पायलट प्रोजेक्ट को दिसंबर तक दुरुस्त कर लिया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के पूरा होते ही प्रदेश के थाने कंप्यूटरीकृत हो जाएंगे। यहां भी ऑनलाइन एफआईआर की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी।
दिल्ली से आईं केंद्रीय गृह मंत्रालय की संयुक्त निदेशक बी राधिका चार सदस्यीय टीम के साथ सोमवार को कपसेठी थाने पर पहुंची। उन्होंने पायलट प्रोजेक्ट की जानकारी ली। कर्मचारियों ने बताया कि नए साफ्टवेयर के चलते कुछ दिक्क तें आ रही हैं। उस समय इंटरनेट भी काम नहीं कर रहा था। इस मामले में उन्होंने बीएसएनएल के अधिकारी (जेटीई) अतुल श्रीवास्तव से पूछताछ की तो उन्होंने जांच के बाद बताया कि यह परेशानी इंटरनेट प्रोटोकाल से आ रही है। संयुक्त निदेशक ने जिले के ग्रामीण पुलिस अधीक्षक अमरेंद्र प्रसाद सिंह, आईपीएस मुनिराज और सीओ मुकेश चंद उत्तम के साथ बंद कमरे में वार्ता की। जिला पुलिस ने प्रोजेक्ट के लिए थाने पर जनरेटर लगवा दिया गया है। जेडी ने तेल के खर्च के मामले में अधिकारियों से सहयोग मांगा। उन्होंने कहा कि धन की कमी आड़े नहीं आने दी आएगी। प्रोजेक्ट के लिए सोलर पैनल की भी सुविधा दी जाएगी ताकि बिजली गुल होने या जनरेटर फेल होने पर असुविधा न हो। उन्होंने पत्रकारों को बताया कि देश के तीन प्रदेशों उत्तर प्रदेश, केरल और आसाम में यह योजना पहले लागू की जा रही है। वैसे देश के 15 हजार थानों में सीसीटीएनएस (क्राइम कंट्रोल ट्रैक नेटवर्किगिं सिस्टम) शुरू करने का लक्ष्य निर्धारित है।