फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक ने जल त्यागा तो दूसरी ने अन्न

Mon, 14 May 2012 12:00 PM IST
Varanasi
विज्ञापन
विज्ञापन
वाराणसी। अविरल गंगा-निर्मल गंगा के लिए जल त्याग कर तपस्या कर रही साध्वी पूर्णांबा की स्थित जस की तस है, जबकि दूसरी साध्वी शारदांबा ने भी तपस्या के लिए अन्न त्याग दिया है। अब गंगा तपस्या में मातृ शक्ति की आमद से इसे बल मिलने लगा है। जैसा तय है कि जल त्याग कर तपस्या करते समय यदि प्रशासन तपस्वी को अस्पताल उठा लाया तो उसकी जगह अन्न त्यागने वाला जल त्याग कर तपस्या की कमान संभालेगा। मातृ शक्ति भी इसके लिए पहले से तैयार है। शनिवार की रात शारदांबा ने भी अन्न का त्याग कर दिया, जबकि पूर्णांबा ने पहले से ही जल त्याग कर तपस्या कर रही है। रविवार को पूर्णांबा को जल छोड़े 100 घंटे से अधिक हो गए लेकिन संवेदनहीन बना प्रशासन उनकी हालचाल लेने नहीं पहुंचा। दोपहर में डाक्टरों ने उनकी जांच पड़ताल की और हालत स्थिर बताई। देवी पूर्णांबा ने बताया कि यदि तपस्या करते उनके प्राण भी छूट जाएं तो वह अपने का धन्य समझेंगी। मां गंगा के लिए वह अपना सब कुछ कुर्बान करने को तैयार हैं। वहीं, अन्न त्याग कर तपस्या कर रही शारदांबा ने भी मां गंगा के लिए अपने को समर्पित कर दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें