वाराणसी। जिला उपभोक्ता फोरम वाराणसी ने माइग्रेसन सर्टिफिकेट और सनद देने में लापरवाही बरतने पर गौतम बुद्ध प्राविधिक विश्वविद्यालय इंस्टीट्यूट आफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलाजी लखनऊ के कुलसचिव यूएस तोमर के वेतन से तिहाई भाग की कटौती करने का आदेश दिया है। फैसले में लिखा गया है कि यह कटौती अजीत सिंह को एमसीए के दोनों सर्टिफिकेट मिलने तक जारी रहेगी। अजीत सिंह पुत्र हेमंत कुमार सिंह मुगलसराय चंदौली जिले का रहने वाला है। उसने एसएमएस कालेज, वाराणसी से एमसीए किया है। वह हर विषय में पास था लेकिन कालेज ने जनरल प्रोफिसिएंसी (जीपी) में फेल कर दिया था। इस पर उसने उपभोक्ता फोरम में वाद प्रस्तुत किया। फोरम के अध्यक्ष एमपी यादव, सदस्य वीडी चतुर्वेदी, सदस्य सुमन पांडेय की पीठ के आदेश पर उसे पास का अंकपत्र दे दिया गया। उसे एक सार्वजनिक बैंक में नौकरी भी मिल गई। अब विश्वविद्यालय द्वारा उसे सनद और माइग्रेसन सर्टिफिकेट देने में हिलाहवाली की जा रही है। इस पर पीठ ने फैसला दिया कि कुलसचिव के वेतन में एक हजार रुपये छोड़कर तिहाई भाग की कटौती किया जाना सुनिश्चित किया जाए। उप कुलसचिव से कहा गया कि दोनों सर्टिफिकेट को अविलंब भेजने की व्यवस्था करें।