वाराणसी। बकाया न मिलने पर पार्टनर ने अपने ही साथी का अपहरण कर लिया। करीब 24 घंटे तक उसे साथ रखकर यातनाएं देता रहा। इसी दौरान जबरन दो ब्लैंक चेक भी ले लिया। घायल पीडि़त किसी तरह जान बचाकर शुक्रवार को थाने पहुंचा। शिकायत के बाद सीओ कैंट के निर्देश पर कैंट थाने में अपहरण का मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की छानबीन की जा रही है।
डीआईजी कालोनी के रहने वाले राजू खन्ना और पांडेयपुर के रहने वाले अरुण पांडेय पार्टनरशिप में रद्दी कागज का व्यवसाय करते हैं। राजू के मुताबिक उसे तीन लाख रुपये अरुण को देने थे। ढाई लाख रुपये वह दे चुका था। 50 हजार रुपये और देने थे। नियति बदली तो अरुण पांच लाख रुपये बकाया बताकर मांगने लगा। न देने पर धमकी देने लगा। गुरुवार को अरुण ने राजू को डीआईजी कालोनी के समीप एसबीआई बैंक के पास बुलाया। कार सवार अरुण के साथ दो और लोग भी थे। राजू को जबरन कार में बैठा लिया गया। पहले उसे राबर्ट्सगंज ले जाया गया। यहां मारने-पीटने के बाद फिर सासाराम ले जाया गया। धमकाया गया कि दो ब्लैंक चेक दे दो नहीं तो जान से मार दिया जाएगा। शुक्रवार को अरुण कार में राजू के साथ उसके घर आया। राजू ने घर से हस्ताक्षर किया हुआ दो ब्लैंक चेक अरुण को दिया। अरुण अपनी पत्नी के साथ सीओ कैंट दिनेश सिंह के यहां शिकायत करने पहुंचा था। अरुण समेत उसके तीन साथियों के खिलाफ अपहरण, मारपीट और धमकी देने का मुकदमा दर्ज किया गया है। मामने की जांच की जा रही है।