वाराणसी। प्रधानमंत्री के हाई स्पीड ट्रेन चलाने के सपने को साकार करने में डीरेका महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। जल्द ही कारखाने में सेमी बुलेट ट्रेन के इंजनों का उत्पादन शुरू हो जाएगा। शुक्रवार को डीरेका में बने 7051वें डीजल इंजन का लोकार्पण करने के बाद यांत्रिक रेलवे बोर्ड के सदस्य आलोक जौहरी ने पत्रकारों को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि डीएलडब्ल्यू द्वारा निर्मित डीजल रेल इंजन डब्ल्यूडीपी-4 में 160 से 200 किलोमीटर/घंटा की रफ्तार से चलने की क्षमता है। इस इंजन के पावर और ट्रैक्शन बढ़ाकर सेमी हाई स्पीड ट्रेनाें में लगाने की योजना बनाई जा रही है।
भारत में बुलेट व सेमी बुलेट ट्रेन चलाने संबंधी योजनाओं पर जब चर्चा शुरू हुई थी उसी दौरान अमर उजाला ने डीरेका निर्मित डब्ल्यूडीपी-4 इंजन की क्षमताओं के बारे में प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। यही नहीं सेमी बुलेट ट्रेन में इस इंजन को लगाए जा सकने की संभावना भी व्यक्त की गई थी। आलोक जौहरी ने बताया कि हमारा जोर ऐसे इंजन बनाने में है जो ईंधन बचत के साथ पर्यावरण को कम से कम प्रदूषित करे। इस क्षेत्र में डीरेका के प्रयास की सराहना भी की। इस दौरान उन्होंने आक्जिलरी पावर यूनिट (एपीयू), होटल लोड इंजन आदि का उदाहरण दिया। रेलवे बोर्ड के सदस्य ने प्रधानमंत्री के स्वच्छता मिशन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वाराणसी सहित 50 स्टेशनों को चिह्नित किया गया है जिन्हें स्वच्छता के मामले में मॉडल स्टेशन बनाना है। 150 और ट्रेनों में आन बोर्ड हाउस कीपिंग (ओबीएचसी) शुरू करने जा रहे हैं। कुल ऐसी 566 ट्रेनों में यह सुविधा दी जा रही है जो लंबी दूरी की ट्रेने हैं। 34 स्टेशनों को ऐसी सुविधाओं से युक्त किया जा रहा है जहां से गुजरने वाली ट्रेनों को न केवल अंदर बल्कि बाहर से भी चमकाया जाएगा। ट्रेनों में चादर, तकिया आदि के लिए कुछ और संस्थाओं को जोड़ने के अलावा 25 स्टेशनों पर लांडरी सुविधा दी जानी है। मंडुवाडीह में यह शुरू भी हो गया। उन्होंने बताया कि स्वच्छता अभियान को सफल बनाने के लिए 25 सितंबर से 2 अक्टूबर तक 16 हजार रेल कर्मचारी श्रमदान कर रहे हैं।
इनसेट
फोटो...
डीरेका निर्मित 7051वां डीजल रेल इंजन हुआ राष्ट्र को समर्पित
वाराणसी। डीरेका निर्मित 7051वें डीजल रेल इंजन के विधिवत पूजन के बाद शुक्रवार को रेलवे बोर्ड के सदस्य यांत्रिक आलोक जौहरी ने हरी झंडी दिखाकर राष्ट्र को समर्पित किया। 4500 उच्च अश्व शक्ति के डब्ल्यूडीपी-4-डी रेल इंजन संख्या-40191 को दक्षिण मध्य रेलवे के काजीपेट डीजल शेड को भेजा जा रहा है। अधिकतम 130 किलोमीटर की रफ्तार से दौड़ सकने में सक्षम ऐसे डुअल कैब इंजनों का उत्पादन डीरेका नियमित कर रहा है। इस अवसर पर आलोक जौहरी के साथ पूर्व तटीय रेलवे के महाप्रबंधक व डीरेका के जीएम का अतिरिक्त कार्यभार देख रहे राजीव विश्नोई व मुख्य यांत्रिक इंजीनियर अशोक कुमार सिंह भी उपस्थित रहे।
इंजन के लोकार्पण के बाद आलोक जौहरी ने डीरेका कर्मियों के लिए उत्पादन में वृद्धि व कार्यकुशलता के लिए एक लाख के सामूहिक पुरस्कार की भी घोषणा की। इस दौरान महाप्रबंधक व मुख्य यांत्रिक इंजीनियर ने भी विचार रखे। संचालन अमलेश श्रीवास्तव ने किया। सदस्य यांत्रिक ने सीएनसी नॉब मिलिंग मशीन का उद्घाटन किया। इससे ब्लाक उत्पादन ज्यादा व समय की बचत होगी। वरिष्ठ अधिकारियों ने पौधरोपण भी किया। बाद में अधिकारियों के साथ बैठक व कर्मचारी नेताओं से मिले।