वाराणसी। गायन-वादन और नृत्य की एक तरफ त्रिवेणी वही तो दूसरी ओर रंगमंच पर कथा सम्राट की कहानियों के पात्र जीवंत हुए। नाटकों के जरिए लोगों ने अपने-आसपास की रोजमर्रा की घटनाओं की सहज अनुभूति की। इसी के साथ तीन दिनी लमही महोत्सव का सांस्कृतिक संकुल में समापन हो गया।
दिन के 11 बजे संकुल में दीप प्रज्ज्वलन से कार्यक्रम की शुरुआत हुई। सबसे पहले निवेदिता बालिका इंटर कॉलेज की छात्राओं ने सरस्वती वंदना की। इसके बाद दुर्गाचरण बालिका इंटर कालेज की छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। एसडीएस इंटर कॉलेज के छात्र कृष्ण कुमार उपाध्याय ने तीन ताल में तबला वादन किया। उठान के बाद आमद, परन, टुकड़ा, तोड़ा, रेला और तिहाइयों से उन्होंने हर किसी को मुग्ध किया। इनके बाद सीएम इंग्लो बंगाली इंटर कॉलेज के अभिषेक ने बांसुरी और विशाल गुप्ता ने तबले पर युगलबंदी की। बंगाली टोला इंटर कालेज के छात्रों ने कजरी गायन से माहौल बदला। इसके बाद कस्तूरबा बालिका इंटर कालेज, दुर्गाचरण बालिका इंटर कॉलेज, अग्रसेन कन्या इंटर कॉलेज, वल्लभ विद्यापीठ और आर्य महिला बालिका इंटर कालेज की छात्राओं ने अलग-अलग नृत्य पेशकर वाहवाही बटोरी। सीएम एंग्लो बंगाली इंटर कॉलेज के छात्रों में अर्जुन देव, सागर विश्वकर्मा ने कृष्ण लीला की प्रस्तुति की। निर्देशन किया विश्वनाथ शर्मा ने। इसके बाद प्रेमचंद की कहानियों के नाट्य मंचन का सिलसिला शुरू हुआ। आलोक पांडेय के निर्देशन में ‘दो बैलों की जोड़ी’ का मंचन हुआ, जबकि बाल मुकुंद त्रिपाठी के निर्देशन में ‘पंचायत’ नाटक की प्रस्तुति हुई। लोक कला विकास एवं शोध समिति के कलाकारों ने ‘कफन’पर आधारित नौटंकी प्रस्तुत कर हर किसी का ध्यान खींचा। फादर आनंद के निर्देशन में मुंशी प्रेमचंद पर आधारित प्रश्नोत्तरी में 45 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान जिलाधिकारी प्रांजल यादव, एसएसपी जोगेंद्र कुमार के अलावा क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र के प्रमुख डॉ.रत्नेश वर्मा भी उपस्थित थे। संचालन सीएम एंग्लो बंगाली इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. विश्वनाथ दुबे ने किया।
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स्मारिका का विमोचन
वाराणसी। लमही महोत्सव के तहत होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर आधारित स्मारिका का विमोचन शुक्रवार को सांस्कृतिक संकुल में साहित्यकारों ने किया। डॉ. मुक्ता, डॉ. राम सुधार, प्रोफेसर सुरेंद्र प्रताप सिंह और हिमांशु उपाध्याय इस मौके पर उपस्थित थे।