वाराणसी। लखनऊ कंट्रोल ने शुक्रवार को शहर की कोई कटौती नहीं कराई लेकिन बारिश के चलते शहर के कई मुहल्लों की विद्युत आपूर्ति प्रभावित रही। शाम तक बिजली नहीं मिलने से क्षुब्ध नागरिकों ने तरना उपकेंद्र पर प्रदर्शन किया। उधर, डुबकियां उपकेंद्र की लाइन ट्रिप कर जाने के कारण सुबह दो तिहाई शहर की बिजली गुल रही। सीटी जल जाने के कारण पांडेयपुर और तार टूटने के कारण लंका क्षेत्र के कई मुहल्लों में दिन भर बिजली गुल रही।
मौसम ठंडा होने के कारण शुक्रवार को बिजली की मांग काफी कम हो गई, जिसके चलते लखनऊ कंट्रोल ने शहर की कटौती नहीं कराई। बारिश के चलते सुबह सात बजकर पांच मिनट पर डुबकियां से कैंट और लेढ़ूपुर उपकेंद्रों को जोड़ने वाली लाइन ट्रिप कर गई। इससे शहर के दो तिहाई हिस्सों की आपूर्ति लगभग 30 मिनट तक गुल रही। इसी दौरान पांडेयपुर 33 केवी उपकेंद्र की सीटी जल गई। उसे शाम चार बजे दुरुस्त किया जा सका, जिससे इलाके में पेयजल की आपूर्ति ठीक से नहीं हो पाई। पुलिस लाइन के पास पेड़ गिरने से तार टूट गया था। तार टूटने से ही सामनेघाट इलाके की बिजली दिन भर गुल रही। क्षेत्र के हरिओमनगर, सर्वेश्वरी नगर, जानकी नगर, विश्वास नगर आदि मुहल्लों में बिजली सुबह से शाम साढ़े पांच बजे तक गुल रही। जमुना नगर कालोनी के पास भोर में तीन बजे केबिल पंचर हो जाने के कारण तरना उपकेंद्र ठप हो गया है। दिन भर बिजली नहीं मिलने से गुस्साए नागरिकों ने देर रात उपकेंद्र पर प्रदर्शन किया। लोगों का तेवर देख कर अधिकारी मौके से गायब हो गए।
बिजली चोरी रोकने के लिए लगाएंगे एबीसी
शहर के घनी आबादी वाले इलाकों में लगेंगे इंसुलेटेड वायर
कटियमारी करने वालों पर लगाम के लिए बन रही योजना
अमर उजाला ब्यूरो
वाराणसी। शहर में 30 फीसदी से ज्यादा लोग चोरी की बिजली जलाते हैं। इस पर अंकुश लगाने के लिए विभाग छापामारी अभियान चला रहा है लेकिन अफसर मानते हैं कि इससे बीमारी दब भर जाएगी उसका समूल इलाज नहीं हो सकता है। घनी आबादी वाले मुहल्लों में कटियामारी तभी खत्म हो सकती है जब एरियल बंच कंडक्टर (एबीसी) लगाए जाएं। बिजनेस प्लान में विभाग ने 150 किलोमीटर ऐसे कंडक्टर लगाने की योजना बना जा रही है।
बिजली विभाग की टीम दिन में निगरानी करती है जबकि रात ढलते ही शहर की घनी आबादी वाले इलाकों में लोग छतों से सड़े बिजली के तार के कटियामार लेते हैं। लगभग 30 फीसदी उपभोक्ता यह काम करते हैं। कटियामारी से इलाके में वोल्टेज के उतार-चढ़ाव और ट्रांसफार्मर जलने की समस्या से दो-चार होना पड़ता है। कुछ साल पहले सेवईं मंडी में अक्सर ट्रांसफार्मर जल जाता था। वहां एबीसी लगाया गया और ट्रांसफार्मर का लोड ही कम हो गया। इसके बाद जागृति नगर, छोटी पियरी, प्रेमचंद नगर सहित कई मुहल्लों में ऐसे कंडक्टर लगाए गए। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम ने अपने बिजनेस प्लान में वाराणसी में बिजली चोरी रोकने के लिए 150 किलोमीटर एरियल बंच कंडक्टर लगाने का प्रस्ताव भेजा था लेकिन प्लान की रकम में कटौती हो जाने के कारण अब नगरीय विद्युत वितरण मंडल प्रथम और द्वितीय को नए सिरे से प्रस्ताव भेजने को कहा गया है। मंडल प्रथम के अधीक्षण अभियंता पीपी सिंह ने बताया कि उनकी योजना लगभग 100 किलोमीटर एबीसी लगाने की है, इसका आकलन किया जा रहा है। मुख्य अभियंता एके पांडेय के मुताबिक शहर में चोरी रोकने के लिए 500 किलोमीटर से ज्यादा एबीसी लगाने की जरूरत है लेकिन इतना बजट एक साथ मिलना संभव नहीं है। इसको देखते हुए चरणबद्ध तरीके से इस पर काम किया जा रहा है।
क्या है एबीसी
वाराणसी। एरियल बंच कंडक्टर में एक साथ तीनों फेज के तार गुंथे रहते हैं। उनके ऊपर प्लास्टिक का कवर चढ़ा रहता है। इससे कनेक्शन जंक्शन बाक्स के सहारे जोड़ा जाता है। इस केबिल में कटियमारी करना संभव नहीं होता है।