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वासंतिक नवरात्र: कल से देवीमय हो जाएगी काशी

Sun, 30 Mar 2014 05:31 AM IST
Varanasi
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वाराणसी। पालनहारिणी मां दुर्गा की आराधना के नौ दिनी वासंतिक नवरात्र की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। राष्ट्र की समृद्धि और परिवार की खुशहाली के लिए व्रत, जप और अनुष्ठानों के साथ 31 मार्च से भोले की नगरी देवीमय हो जाएगी। शैलपुत्री समेत शहर में स्थापित अन्य शक्ति पीठों के प्रतीक मंदिरों में साफ-सफाई के अलावा सजावट शुरू कर दी गई है। नवरात्र के पहले दिन सोमवार सुबह से दोपहर तक जगत जननी के आवाहन के निमित्त घट स्थापन के लिए तीन अलग-अलग मुहूर्त मिलेंगे।
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इस बार वासंतिक नवरात्र रेवती नक्षत्र में शुरू होगा। जगत जननी जगदंबा के दरबारों में 30 मार्च की मध्यरात्रि के बाद से ही भक्तों की कतार लग जाएगी। सुबह सूर्योदय के समय घट स्थापन का योग है। इस अवधि में जो भक्त देवी के नाम पर कलश रख कर संकल्प न ले सकें उनके लिए दूसरा मुहूर्त मेष लग्न में सुबह 8:14 से 10:11 बजे तक है। महावीर पंचांग के संपादक रामेश्वर ओझा के अनुसार कलश स्थापन के लिए अभीष्ट फल देने वाला अभिजीत मुहूर्त सुबह 11: 35 बजे से दोपहर 12:23 तक रहेगा। मान्यता है कि कलश स्थापन कर यथाशक्ति देवी को पुष्प, जल अर्पित कर शुद्ध मन से उनका ध्यान करने पर हर मनोकामना पूर्ण होती है। शीतला घाट स्थित शीतला माता मंदिर में वासंतिक नवरात्र महोत्सव की तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है। मंदिर की गुफा में आदि शीतला बुढि़या माई का नौ दिनों में अलग-अलग शृंगार होगा। महंत पं. शिव प्रसाद पांडेय विश्व कल्याण की कामना से गुफा में मौन व्रत रहकर देवी की आराधना करेंगे। दुर्गाकुंड में दुर्गा माता मंदिर, अदलपुर की शीतला के अलावा अन्य देवी मंदिरों में भक्तों का सैलाब उमड़ेगा।
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घट स्थापन के लिए ध्यान मंत्र
‘जयंती मंगला काली भद्र काली कपालिनी, दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्व स्वध: नमस्तुते।’
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कलश स्थापन का मुहूर्त
- सूर्योदय के वक्त घट स्थापन करें
- मेष लग्न में सुबह 8:14 से 10:11 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:35 से 12:23 बजे तक
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