वाराणसी। तकनीक का विकास मानवता के हित के लिए हुआ लेकिन इसका विध्वंसात्मक इस्तेमाल भी किया जा रहा है। विभिन्न प्रकार के रासायनिक हथियारों से मानवता को खतरा है। ये बातें जर्मनी के प्रो. हेराल्ड जॉन ने कहीं। वह इंडियन सोसाइटी ऑफ एनालिटिकल साइंटिस्ट और आईआईटी बीएचयू के केमिस्ट्री विभाग के संयुक्त आयोजन रास (रीसेंट एडवान्सेस इन एनालिटिकल साइंस)-2014 में जुटे विद्यार्थियों को संबोधित कर रहे थे।
तीन दिवसीय इस आयोजन में प्रो. हेराल्ड ने विभिन्न प्रकार के विषों और रासायनिक हथियारों के परीक्षण व उनके दुष्प्रभावों पर चर्चा की। नई खोजों के जरिये इससे बचाव के उपाय भी बताए। वहीं बीएचयू आईआईटी के प्रो. भीमबली सिंह ने उस शोध पर चर्चा की जिसके जरिये अल्जाइमर, डाइबिटीज जैसी बीमारियों को होने से पहले ही रोका जा सकता है।
प्रो. बीएस तोमर ने वातावरण के प्रदूषक तत्वों जैसे लेड, मीथेन आदि से होने वाले नुकसान के बारे में जानकारी दी। आईआईटी बीएचयू के रिसर्च एंड डेवलपमेंट के डीन प्रो. राजीव प्रकाश ने विद्युतीय रूप से सक्रिय पदार्थों द्वारा ब्रेस्ट कैंसर के निदान के बारे में बताया। कार्यक्रम के दूसरे दिन शुक्रवार को कार्यक्रम के संयोजक डॉ. धनेश तिवारी ने बताया कि केमिस्ट्री विभाग के कई छात्र-छात्राओं ने भी अपने रिसर्च पेपर पढ़े।