फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पवन चक्की से गुजरे जमाने के बाइस्कोप तक बुने सपने

Sat, 08 Mar 2014 05:30 AM IST
Varanasi
विज्ञापन
विज्ञापन
वाराणसी। कल्पना की उड़ान में युवा एक से एक सपने बुन रहे हैं। शुक्रवार को नई पीढ़ी के जेहनोदिल की हलचल को देखने -समझने का मौका मिला एक हस्तकला प्रदर्शनी के जरिए। कलात्मक मॉडल, पेंटिंग में साकार हुई सोच वाकई काबिलेतारीफ थी। स्काउट गाइड के सहयोग से महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के शिक्षा संकाय में बीएड के छात्र-छात्राओं की ओर से लगाई गई इस प्रदर्शनी के नमूनों को हर किसी ने सराहा।
विज्ञापन

रोजमर्रा की लाइफ स्टाल से लेकर बिजली, पानी के उपयोग के विकल्पों को भी इस प्रदर्शनी में मॉडल के जरिए पेश किया गया। बीएड के छात्र हरिश्चंद्र ने पवन चक्की बनाकर ऊर्जा के नए विक्ल सुझाए तो इसी संकाय के विकास ने बाइस्कोप के मॉडल से लोगों को गुजरे जमाने की भी याद दिलाई। लकड़ी के चम्मच से तैयार प्रियंका मिश्रा की बैलगाड़ी भी खूब जंच रही थी। पूनम पांडेय ने सूती धागों से आकर्षक वंदनवार तैयार किया था। अखरोट के छिलकों से सीमा ने अंगूर के गुच्छे ऐसे रच कर हूबहू बनाए थे। रंग-बिरंगे टुकड़ों तैयार प्रियंवदा के ताजमहल का भी कोई जोड़ा नहीं था। किसी ने मिट्टी से आकर्षक गुलदस्ते तैयार किए थे तो किसी ने झाड़ू की सींक से। इस प्रदर्शनी में कुल 90 छात्र-छात्राओं ने अपने मॉडल प्रदर्शित किए थे। इससे पहले दोपहर एक बजे अर्थशास्त्र विभाग के प्रोफेसर एसएन चतुर्वेदी ने फीताकाट कर प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। चीफ प्राक्टर प्रोफेसर कल्पलता पांडेय के साथ शिक्षा संकाय के विभागाध्यक्ष प्रो. अरविंद कुमार पांडेय सहित तमाम शिक्षकों, छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शनी में लगे मॉडल को निहारा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें