सेवापुरी। सातो निवासी ज्वाला प्रसाद पांडेय ने आरोप लगाया है कि उसके पुत्र विपुल पांडेय के सिर पर वार कर हत्या की गई थी। इस घटना में पड़ोसी युवक का हाथ है। एक लाख से अधिक रुपये लूटने के लिए घटना को अंजाम दिया गया। इस मामले में उन्होंने जंसा थाने में तहरीर दी है। पिता का यह भी कहना है कि पुलिस ने बगैर जांच किए ही बाइक को ले जाने दिया। उधर, जंसा पुलिस का कहना है कि घटनास्थल रोहनिया इलाके का है। उसे मानवीय दृष्टिकोण के चलते पुलिस ने अस्पताल भेजा था।
सातों गांव निवासी विपुल पांडेय एक जनवरी को घर से पैसा लेकर इलाहाबाद में माल वाहन टेंपो फाइनेंस कराने के लिए अपने पड़ोसी के साथ गया था। रात में लौटते समय वह जंसा पुलिस को सरसोस में लहूलुहान पड़ा मिला। पूछने पर उसके पड़ोसी संतोष ने बताया कि नील गाय से टक्कर होने के कारण बाइक दुर्घटनाग्रस्त हो गई। पुलिस ने पूछताछ के बाद दोनों को कबीरचौरा अस्पताल पहुंचाया। वहां डाक्टरों ने बताया कि अस्पताल लाए जाने से पूर्व ही विपुल की मौत हो गई थी। पुलिस ने बाइक पड़ोसी के सुपुर्द कर दिया।
विपुल के पिता ज्वाला प्रसाद पांडेय ने बताया कि उन्होंने 10 दिन पहले चार विस्वा जमीन बेंचकर 80 हजार रुपये विपुल को दिया था। उसके पास माल वाहक टेंपो फाइनेंस कराने के लिए और पैसे थे। कुल एक लाख से अधिक रुपये लेकर वह इलाहाबाद गया था लेकिन पैसे का पता नहीं चल सका। विपुल के साथ गया संतोष अपना गलत लोकेशन दे रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर चोट से मौत होने का पता चला है। उन्होंने सवाल किया कि यदि नीलगाय से बाइक भिड़ी तो उस पर खरोच आना चाहिए था लेकिन बाइक पर जरा भी खरोच का निशान नहीं है। इससे स्पष्ट है कि पैसा लूटने के लिए उसके बेटे की हत्या की गई है। विपुल की पत्नी गुंजा ने एक साल पहले चौखंडी रेलवे लाइन पर ट्रेन से कटकर आत्महत्या कर ली थी। उसकी एक बेटी खुशी पांडेय (05) है। वह तीन भाई और एक बहन में सबसे बड़ा था। पिता के आरोप से पुलिसकर्मियों की नींद उड़ गई है।