लखनऊ। डिप्टी जेलर अनिल त्यागी की सनसनीखेज हत्या के बाद जेल अधिकारियों ने एक बार फिर सुरक्षा की मांग उठाई है। जेल अधिकारियों की एसोसिएशन की आपात बैठक में सोमवार को इस बात की पुरजोर मांग की गई कि सरकार या तो जेल अफसरों को सुरक्षा मुहैया कराए या फिर जेल अधिकारियों को विभागीय स्तर पर इसकी व्यवस्था करने की अनुमति दी जाए।
बैठक में डिप्टी जेलर की हत्या करने वालों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई। इसके बाद यह तय हुआ कि डिप्टी जेलर की हत्या की प्रति शोक प्रकट करने के लिए विभाग के सभी अधिकारी बुधवार 27 नवंबर को काला फीता बांध कर शोक प्रदर्शित करेंगे। जेल अधिकारियों ने इस मौके पर सरकार से डिप्टी जेलर अनिल त्यागी को विभाग के सर्वोच्च पदक शौर्य मेडल से सम्मानित करने की घोषणा करने की मांग की।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सरकार से मांग की कि डिप्टी जेलर से लेकर उच्च पदों के जेल अधिकारियों के लिए सशस्त्र सुरक्षाकर्मियों की व्यवस्था की जाए। अधिकारियों का कहना कहना था कि अगर सरकार अगर यह व्यवस्था न कर सके तो कारागार विभाग द्वारा तैयार की गई सुरक्षा नीति को मान्यता दे दे। जिसके मुताबिक हर कारागार पर अत्याधुनिक शस्त्र रखने और विभाग के ही कर्मचारियों को शस्त्र लाइसेंस दिए जाने और उन्हें सुरक्षा कार्य का प्रशिक्षण देकर इसकी ड्यूटी से जोड़ने का प्रस्ताव है।
यह भी मांग की गई कि विभाग के अधिकारियों को शस्त्र का लाइसेंस प्राथमिकता के आधार पर दिया जाए। अधिकारियों ने विभाग के विभिन्न संवर्गों में रिक्त पड़े पदों को भरे जाने और अधिकारियों की प्रोन्नति में होने वाले विलंब को दूर करे जाने की भी मांग की। इसके अलावा हत्यारों की गोली का शिकार हुए डिप्टी जेलर की पत्नी को सरकारी नौकरी दिए जाने के साथ ही उन्हें सरकार आवास भी आवंटित किए जाने की मांग की गई।
एसोसिएशन के सदस्यों का कहना था कि विभाग में एक कल्याण कोष की भी स्थापना की जाए। इससे किसी अधिकारी के साथ ऐसा हादसा होने की दशा में त्वरित राहत दिए जाने का कार्य हो सकेगा। बैठक की अध्यक्षता एसोसिएशन के अध्यक्ष एमएल प्रकाश ने की।