वाराणसी। आग बुझाने से बेहतर है, इसके रोकथाम के लिए सजगता बरती जाए। यह अपील चीफ फायर आफीसर अनिमेष सिंह ने जिलेवासियों से रविवार को अग्निशमन सेवा स्मृति दिवस पर की। कहा कि बहुमंजिले भवनों में अग्निशमन यंत्र और आने-जाने के लिए दो रास्ते जरूर हों। दमकल की गाड़ियों को सड़क पर आवागमन में प्राथमिकता दें।
मुंबई बंदरगाह पर एसएस फोर्ट स्टीकिन मालवाहक पोत में 14 अप्रैल 1944 को लगी आग को बुझाने के दौरान 66 दमकल कर्मी शहीद हुए थे। उन कर्मियों की याद में 14 अप्रैल को अग्निशमन सेवा स्मृति दिवस मनाया जाता है। रविवार को चेतगंज फायर स्टेशन में दो मिनट का मौन रख कर शहीद कर्मियों को श्रद्धांजलि दी गई। चीफ फायर अफसर ने बताया कि 20 अप्रैल तक अग्नि सुरक्षा सप्ताह मनाया जाएगा। इस दौरान फायर अफसर योगेंद्र चौरसिया, निर्मल राय आदि मौजूद रहे।
2018 में 19.18 करोड़ की संपत्ति बचाई
अग्निशमन विभाग के आंकड़े के अनुसार 2018 में आग लगने की 731 सूचनाएं आईं। इस दौरान अग्निशमन विभाग ने 146 लोगों और 112 मवेशियों की जान बचाने के साथ ही 19 करोड़ 18 लाख रुपये की संपत्ति बचाई। इसके साथ ही साल भर में जिले केे 421 लोगों को आग से सुरक्षा के उपाय के बारे में प्रशिक्षण दिया गया।
एक मार्च से 30 जून तक का समय बेहद संवेदनशील
चीफ फायर अफसर अनिमेष सिंह ने बताया कि जिले में सर्वाधिक अग्नि दुर्घटनाएं एक मार्च से 30 जून के बीच होती हैं। इसे देखते हुए जिले के ग्राम्यांचल में चार अतिरिक्त सीजनल फायर स्टेशन स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा मौजूदा समय में जिले में चार फायर स्टेशन, 180 कर्मचारी और 112 वाहन हैं।