वाराणसी। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में रविवार को बजट पर चर्चा के बाद वित्त समिति के प्रस्ताव पर कार्यपरिषद ने अपनी मुहर लगा दी। कुलपति प्रो. राजाराम शुक्ल की अध्यक्षता में योग साधना केंद्र में हुई कार्यपरिषद की बैठक में यह बताया गया कि विश्वविद्यालय का कुल व्यय 69,38,64,000 रुपये का है। जबकि शासन से 21 करोड़ 52 लाख 83000 रुपये अनुदान मिलता है।
कार्यपरिषद की बैठक में यह बताया गया कि अगले वित्तीय वर्ष में निजी स्रोतों से कुल 76 लाख 60 हजार रुपये आय होने की संभावना है। इससे पहले वित्त समिति ने वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए विश्वविद्यालय की आय और अनुदान की कुल राशि से 35 करोड़ 31 लाख 35095 रुपये अधिक बजट को मंजूरी दी थी। मांग के अनुरूप यदि शासन से 21 करोड़ 52 लाख 83000 रुपये अनुदान मिलता है तो भी निर्धारित व्यय के अंतर को पूरा करना मुश्किल होगा। उधर, विवि की आर्थिक स्थिति को देखते हुए शासन ने वर्तमान सत्र में 30 करोड़ 72 लाख 74671 रुपये दिए थे। इसके बावजूद खर्च को देखा जाए तो करीब दो करोड़ 90 लाख रुपये की जरूरत होगी। बैठक में न्यायमूर्ति डीपी सिंह, प्रतिकुलपति प्रो. हेतराम कछवाहा, प्रो. उमेश दुबे, प्रो. हरिप्रसाद अधिकारी, प्रो. हरप्रसाद अधिकारी, उच्च शिक्षा अधिकारी जीपी वर्मा, लक्ष्मी शुक्ला, आनंद प्रकाश, कुलसचिव राजबहादुर, शमीम अहमद खां, विशेश्वर प्रसाद उपस्थित थे।