वाराणसी। उत्तर प्रदेश कारूगेटेड बॉक्स मैनुफैक्चर्स एसोसिएशन की ओर से ‘न्यू मार्केट डेवलपमेंट’ विषय पर राष्ट्रीय कार्यशाला कैंटोनमेंट स्थित होटल में आयोजित की गई। इसमें बॉक्स मैनुफैक्चर्स के लिए नई संभावनाओं और चुनौतियों पर चर्चा हुई। साथ ही विदेश में फल व सब्जी भेजने के लिए कारूगेटेड बॉक्स तैयार करने की चुनौती पर भी मंथन हुआ।
एफसीबीएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष के. अरुणाचलम मुख्य अतिथि और संयुक्त आयुक्त उद्योग उमेश सिंह विशिष्ट अतिथि रहे। वाराणसी के अध्यक्ष राजेश भाटिया ने कहा कि देश के लगभग सभी राज्यों के प्रतिनिधियों ने इसमें भाग लिया। सेमिनार के प्रथम सत्र में पद्मश्री डॉ. रजनीकांत ने कहा कि प्रोडक्ट अच्छा होने के बावजूद पैकेजिंग अच्छी न होने से वस्तु का अच्छा मूल्य नहीं मिल पाता। यदि इनकी पैकिंग अंतरराष्ट्रीय स्तर की हो जाए तो इसकी डिमांड में वृद्धि होगी। एफसीबीएम के विशेषज्ञ अच्युत चंद्रा ने कहा कि देश के अलावा विदेशों में भी भारत की फ ल व सब्जी की मांग है। पैकेजिंग निर्माताओं के सामने इन्हें सुरक्षित पहुंचाना चुनौती है। पैकेजिंग बॉक्सेस की गुणवत्ता वृद्धि के लिए मुंबई से आए संजय पारिख ने पेस्टिंग गम की जानकारी दी। इस क्षेत्र के नए उद्यमियों को सम्मानित किया गया। धन्यवाद राजेंद्र भाटी ने दिया। कार्यक्रम में कार्तिक जायसवाल, प्रदीप जायसवाल, महिपाल गुप्ता, संजय लखमानी, सादिक आदि मौजूद रहे।