वाराणसी। चाइना-तिब्बत संबंधों में सुधार लाने और भारत में अपने लिए समर्थन जुटाने निकली तिब्बतन महिला संगठन की कई सदस्य गुरुवार को वाराणसी पहुंची। बेनियाबाग स्थित ल्हासा मार्केट में उन्होंने पत्रकारों को बताया कि चाइना तिब्बत के लोगों पर बहुत अत्याचार कर रहा है। 20 वर्ष पहले चाइना ने जिस बाल गुरु का अपहरण कर लिया था वे कैसे हैं, किस हालत में है इसकी कोई जानकारी नहीं दे रहा है। वहीं तिब्बत के पर्यावरण को चाइना बहुत नुकसान पहुंचा रहा है।
संगठन की सदस्य डोलमा छेयरिंग ने कहा कि वे चाहती हैं कि भारत इस मामले में हस्तक्षेप करे और चाइना पर दबाव बनाए कि उनके गुरु को छोड़ दिया जाए और पर्यावरण के साथ छेड़ छाड़ बंद किया जाए। उन्होंने मानवाधिकार हनन के मामले में भी भारत की मदद मांगी। संगठन सदस्य ने कहा कि भारत, चीनी सरकार और पतित पावन दलाईलामा के प्रतिनिधिमंडल के बीच वार्ता के लिए सेतु का काम करे। इसके लिए उन्होंने एक यात्रा शुरू की है। वे लखनऊ, कानपुर, इलाहाबाद होते हुए वाराणसी पहुंची। सभी क्षेत्रों में वे सत्ता और विपक्ष दलों के नेताओं से मुलाकात कर रही हैं और उनसे मदद की गुहार लगा रही हैं। साथ ही तिब्बतन मार्केट में कपड़े खरीदने पहुंचने वाले लोगों को भी इससे जुड़े पर्चे बांटे जा रहे हैं।