वाराणसी। बिहार के भभुआ में मोहम्मद आसिफ अंसारी उर्फ पिंकू की हत्या में वांछित मकबूल आलम रोड निवासी अभिषेक सिंह उर्फ प्रिंस पुलिस की सुरक्षा में अवैध असलहों की खरीद-फरोख्त करता था। मुठभेड़ में गिरफ्तार कल्लू और बीरू ने प्रिंस और गिरोह के सरगना पक्की बाजार निवासी सादिक के बारे में पुलिस को अहम जानकारियां दी है। जिसके बाद सादिक और प्रिंस की तलाश में क्राइम ब्रांच की अलग-अलग टीमें इलाहाबाद, भदोही और भभुआ रवाना की गई हैं। साथ ही, कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
नौ अगस्त 2017 की रात प्रिंस के घर में ठहरे पिंकू की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। प्रिंस ने दो के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया लेकिन तफ्तीश में उसका आरोप गलत साबित हुआ। इसी बीच उसने खुद की सुरक्षा का हवाला देकर अपने घर पर दो पुलिसकर्मियों को तैनात करा लिया। कल्लू और बीरू ने पुलिस को बताया कि वो जहां भी जाता था सिपाही उसके साथ साये की तरह रहते थे। सुरक्षा में लगे सिपाहियों को खाने-पीने में उलझा कर सादिक और उसके गुर्गे नईबस्ती हुकुलगंज निवासी जावेद सहित अन्य की मदद से प्रिंस असलहों की खरीद-बिक्री का काम करता था। यह सिलसिला लंबे समय तक आसानी से चलता रहा। प्रिंस के साथ पुलिस मौजूद होने के कारण कभी किसी को उस पर शक भी नहीं होता था और उससे पूछताछ भी नहीं होती थी कि वो क्या लेकर आ-जा रहा है। इस संबंध में एसएसपी राम कृष्ण भारद्वाज ने बताया कि प्रिंस के घर में हत्या हुई थी और सब कुछ स्पष्ट नहीं था। इस वजह से उसके घर पर पुलिस की गश्त बढ़ाई गई थी और आवाजाही लगी रहती थी। सब कुछ स्पष्ट होने के बाद वो वांछित है और जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।