वाराणसी। जर्मनी के राष्ट्रपति फ्रैंक वाल्टर स्टाइनमायर गुरुवार को काशी में गंगा आरती के अलौकिक दृश्य के साक्षी बनेंगे। दशाश्वमेध घाट को फूलमालाओं से सजा दिया गया है। घाट पर होने वाली गंगा आरती के लिए तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए बुधवार को जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र ने अस्सी से दशाश्वमेध घाट तक के नौकायन मार्ग का बजड़े से निरीक्षण किया। दशाश्वमेध घाट पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों और कर्मचारियों को दिशानिर्देश दिए।
जापान के प्रधानमंत्री शिंजो अबे ने दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती को जिस स्थान से देखा था, जर्मनी के राष्ट्रपति भी उसी स्थान से गंगा आरती का दर्शन करेंगे। आरती के दौरान 18 रिद्धि-सिद्धि कन्याएं और नौ बटुकों द्वारा महाआरती का आयोजन किया जाएगा।
सुरक्षा की दृष्टि से आसपास के घरों की छतों पर सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। जल पुलिस चौकी से सीसीटीवी के जरिए हर किसी पर नजर रखी जाएगी। दशाश्वमेध घाट पर अगल-बगल को घाटों से होने वाला आवागमन बंद रहेगा। घाटों पर बैरिकेडिंग से रास्तों को बंद कर दिया गया है। आरती स्थल के सामने कोई नाव नहीं रहेगी। मानमंदिर घाट से शीतला घाट तक नावों को हटा दिया गया है।
डीएम ने बताया कि राष्ट्रपति जैसे ही घाट पर पहुंचेंगे, वैदिक ब्राह्मणों द्वारा गंगा पूजन आरंभ हो जाएगा। उसके बाद वह गंगा आरती देखेंगे। आरती समाप्त होने के बाद राष्ट्रपति को विशेष स्मृति चिह्न, अंगवस्त्रम और प्रसाद भेंट किया जाएगा।