ज्ञानपुर। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा की निगरानी को लेकर प्रशासन जहां गंभीरता दिखा रहा है, वहीं जिले के सचल दल के गठन पर सवाल उठने लगे हैं। सचल दस्ते में प्रवक्ता, शिक्षकों के बजाए बाबू और चपरासी को रख लिया गया है। इसको लेकर शिक्षा महकमे में कानाफूसी शुरू हो गई है।
यूपी बोर्ड परीक्षा छह फरवरी से शुरू होगी। परीक्षा को पारदर्शी ढंग से कराने के लिए जोनल, सेक्टर मजिस्ट्रेट के अलावा स्टेटिक मजिस्ट्रेट लगाए गए हैं। परीक्षा की दोनों पालियों में अचानक केंद्रों पर जाकर जायजा लेने के लिए पूर्व की तरह चार सचल दस्तों का गठन किया गया है। इलमें डायट प्राचार्य, बीएसए, वित्त एवं लेखाधिकारी और डीआईओएस के नेतृत्व में दस्ते गठित हुए हैं। दस्ते में दो शिक्षक और दो शिक्षिकाओं को शामिल किया गया है। एक सचल दस्ते में विभाग के बाबू और चपरासी को शामिल करने पर सवाल उठने लगे हैं। माना जा रहा है कि दस्ते की शुचिता इससे प्रभावित हो सकती है। सूत्र बताते हैं कि दस्ते में शामिल ऐसे लोग केंद्राध्यक्षों को सारी जानकारी जाने से पूर्व ही लीक कर सकते हैं, जिससे सचल दस्ते के पहुंचने से पूर्व वह सतर्क हो जाएंगे। जिला विद्यालय निरीक्षक श्याम सरोज वर्मा ने कहा कि सभी सचल दस्ते पूर्व की तरह गठित हुए हैं। कंट्रोल रूम में बाबू और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को लगाया गया है।