वाराणसी।बीएचयू में छात्र आशुतोष सिंह की गिरफ्तारी के विरोध में 20 दिसंबर को हुई तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाओं के आरोपी 13 छात्रों को विश्वविद्यालय प्रशासन ने आखिरकार गुरुवार को निलंबित कर दिया। निलंबन आदेश के साथ ही संबंधित छात्रों के परिसर में प्रवेश और हॉस्टल की सुविधाओं पर भी रोक लगा दी गई है। चीफ प्रॉक्टर की संस्तुति के बाद 27 दिसंबर को इस बाबत फैसला हुआ था।
20 दिसंबर को 15 छात्रों के खिलाफ चीफ प्रॉक्टर प्रो. रोयाना सिंह ने लंका थाने में तहरीर दी थी। अगले दिन इनमें से दो नाम वापस लेते हुए बीए आनर्स के छात्र गुलाम सरवर का नाम जोड़ा गया था, जबकि एक पूर्व छात्र प्रतीक का नाम शामिल था। गुलाम सरवर को बाद में गिरफ्तार कर लिया गया था। हालांकि अभी भी जिस आशुतोष सिंह को लेकर पूरा बवाल हुआ, उसके खिलाफ विश्वविद्यालय प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की है।
बिड़ला छात्रावास में रहने वाले छात्र आशुतोष सिंह को आईआईटी बीएचयू में म्यूजिकल नाइट न होने देने पर हुए विवाद सहित कुछ और मामलों में पुलिस ने 20 दिसंबर को गिरफ्तार किया था। इसके विरोध में छात्रों ने दोपहर बाद परिसर में खूब उपद्रव किया था। मरीजों, तीमारदारों, चिकित्सकों, प्रोफेसर के सवा सौ से अधिक चार पहिया वाहनों में तोड़फोड़ कर दी। दिल्ली पब्लिक स्कूल की बस में आग लगाने के साथ ही परिसर स्थित पेट्रोल पंप को भी क्षति पहुंचाने की कोशिश की थी।
निलंबित छात्रों में गौरव कुमार एमसीए, शुभम तेवतिया बीए द्वितीय वर्ष, बिट्टू कुमार सिंह बीए तृतीय वर्ष, गुलाम सरवर बीए ऑनर्स कला संकाय, प्रवीन राय एमए प्रथम वर्ष, गौरव कुमार बीए तृतीय वर्ष, अभिजीत मिश्रा बीए द्वितीय वर्ष, रुद्र प्रताप सिंह बीए द्वितीय वर्ष, सौरभ राय बीए ऑनर्स कला संकाय, लक्ष्मीनारायण शर्मा बीए द्वितीय वर्ष, सत्यम राय बीए द्वितीय वर्ष, धीरज सिंह बीए तृतीय वर्ष और हिमांशु प्रभाकर बीए द्वितीय वर्ष के नाम शामिल हैं।