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एक क्लिक में सामने होगी दुधारू पशुओं की कुंडली

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आराजी लाइन। उत्तर प्रदेश पशुधन विकास परिषद ने पशुओं को एक यूनिक आईडी देने की पहल की है। इस काम के पूरा होने के बाद पशुओं से जुड़ी जानकारियां ऑनलाइन हो जाएगी। इस व्यवस्था के क्रियान्वित होने में अभी कुछ साल लगेंगे लेकिन शाहंशाहपुर स्थित राजकीय पशुधन एवं कृषि प्रक्षेत्र में इस पर अमल शुरू कर दिया गया है। यहां के सभी 323 गायों, साड़ों और बछड़े-बछिया के कानों में यूनिक आईडी लगा दी गई है।
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परिषद के उप निदेशक डॉ. जेपी सिंह ने मंगलवार को बताया कि यूनिक आईडी जिस पर नंबर के साथ बारकोड भी लगा हुआ है। यह प्रदेश के सभी पशुओं के कानों में लगाने की योजना है। इसके द्वारा प्रदेश के सारे जानवरों की एक सूची बन सकेगी, जिसके आधार पर पशु की अनुवांशिकी, उसकी प्रजाति, उसकी दुग्ध क्षमता की पूरी जानकारी होगी। बताया कि यूनिक आईडी में हर जिले का एक नंबर है। जिले के बाद तहसील, ब्लॉक तथा गांव का नंबर है।
यूनिक आईडी को लगाने की जिम्मेदारी जिला पशुपालन अधिकारी और जिला पशु चिकित्सा अधिकारी को सौंपी गई है। पशु चिकित्सकों को इसके लिए प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इन्हें लगाने की जिम्मेदारी पशु मित्रों को सौंपी गई है। इसके लिए प्रत्येक पशु मित्र को कुछ नियम-शर्तों के पूरा होने पर 100 रुपये प्रति टैग का भुगतान किया जाएगा। वाराणसी के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को 30 हजार टैग दिए गए हैं। शुरूआत में यह गाय और भैंस मैं लगाया जाएगा। बाद में अन्य जानवरों को भी यूनिक आईडी दी जाएगी। इसके साथ ही आईएनएपीएच नाम से एक सिस्टम तैयार किया जा रहा है, जिस पर गाय को खरीदने तथा बेचने की जानकारी प्राप्त की जा सकेगी। इस पर गाय की ब्रीड, उस की प्रजाति, दुग्ध उत्पादन, रोग प्रतिरोधक क्षमता आदि की जानकारी मिल सकेगी।
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