वाराणसी। चिरईगांव ब्लॉक के उकथी गांव की ओमिका मौर्या (20) जर्मनी में काशी की संस्कृति, सभ्यता का बखान करेंगी। यहां युवाओं के प्रति आम लोगों में क्या नजरिया है, समाज को युवा किस नजरिए से देखता, इसके अलावा युवाओं से जुड़े तमाम मुद्दों को वहां के युवाओं से साझा करेंगी। जर्मनी जाने के लिए ओमिका का चयन यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत हुआ है। देश से छह युवाओं की टीम जानी है। इसमें सामान्य किसान परिवार से आने वाली ओमिका भी हैं। ओमिका के चयन पर गांव के लोग गौरवान्वित हैं।
इसी वर्ष आठ मार्च, को डैक्सर-टीडीएच के सहयोग से जर्मनी से पांच युवा वाराणसी सहित प्रदेश के विभिन्न जनपदों में यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत आए थे। इसी कड़ी में देश के विभिन्न हिस्सों से छह युवा 12 दिनों के जर्मनी जाएंगे। किशोरावस्था से ही सामाजिक मुद्दों के प्रति बेहद संजीदा ओमिका ह्यूमन वेलफेयर एसोसिएशन से जुड़ी हुई हैं। वह इस संस्था और जर्मनी के सहयोग से चलाए जा रहे महिलाओं व युवाओं द्वारा सतत विकास कार्यक्रम के अंतर्गत यूथ ग्रुप की सदस्य हैं। दो वर्षों से पर्यावरण तथा विकास के कार्यक्रम से जुड़ी रही हैं। गरीब परिवार की ओमिका के लिए जर्मनी जाना एक सपने के सच होने के जैसा है। इसे बड़ी उपलब्धि बताया। कहा कि इससे आगे और बड़ा करने की ताकत मिलेगी। वहां की संस्कृति और सभ्यता देखने को मिलेगी। ओमिका के पिता एक बीघे में फूलों की खेती कर परिवार चलाते हैं। परिवार फूलों की माला बनाता है। पिता साइकल से मंडी लाकर बेचते हैं। बिटिया की इस उपलब्धि पर पिता भी फूले नहीं समा रहे। बताया कि घर के खर्च में बिटिया भी ट्यूशन पढ़ाकर योगदान करती है।