फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP News: 90 कमरों को तोड़ डाला, लोहे की चादर से सील भी किया; पुलिस कस्टडी में बनारस कोठी और रिवर पैलेस

Mon, 29 Jul 2024 09:51 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी

सार

Varanasi News: बनारस कोठी और रिवर पैलेस पर सावन के सोमवार के कारण कोई कार्रवाई नहीं की गई है। वहीं, होटल के मालिक फारूख खां इस कार्रवाई को रोकने के लिए अधिवक्ताओं से सलाह ले रहे हैं। फिलहाल, होटल में लगभग 15 पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिया गया है।
विज्ञापन
बनारस कोठी पर चला वीडीए का हथौड़ा। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बनारस कोठी और रिवर पैलेस होटल को वीडीए ने सील कर पुलिस कस्टडी में दे दिया है। कैंट पुलिस की ओर से यहां पर 15 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। अब वीडीए अगली कार्रवाई के लिए शासन के आदेश का इंतजार कर रहा है। उधर, होटल मालिक भी विधि विशेषज्ञों से सलाह लेकर अगला कदम उठाएंगे।

विज्ञापन


वीडीए उपाध्यक्ष पुलकित गर्ग के अनुसार दोनों होटलों के 90 कमरों को डैमेज कर लोहे के चादर से सील कर दिया गया है। इसके भीतर बाथरूम, कमरे, लॉबी, सीढ़ी को डैमेज कर दिया गया है। इस पर वीडीए की सील वाली पट्टी भी लगाई गई है।



पूरा होटल सील करने के बाद पुलिस कस्टडी में दे दिया गया है। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार सावन के साेमवार के कारण अभी कार्रवाई नहीं की जाएगी। सोमवार बाद आगे की कार्रवाई होगी।
विज्ञापन


बुद्ध विहार काॅलोनी में दोनाें होटलों के प्लाॅट को बगैर नक्शा पास कराए निर्माण कराया गया। यह निर्माण वाराणसी महायोजना-2031 के विपरीत है। इसके अलावा वरुणा नदी की ग्रीन बेल्ट से भी प्रभावित है। यहां स्वीकृत क्षेत्रफल से अधिक पर निर्माण, सेट बैंक कवर किया गया। 

जी प्लस टू का आवासीय नक्शा पास कराके पांच तल के होटल का निर्माण कराया गया। मामले में शासन ने अन्नपूर्णा भवन निर्माण सहकारी समिति लिमिटेड के आठ भूखंड का भू उपयोग, आवासीय से व्यावसायिक करने का प्रत्यावेदन 2019 में निरस्त किया था। पूर्व में इन दोनों होटलों का ध्वस्तीकरण आदेश पारित है।

विज्ञापन

कार्रवाई से सहमे दूसरे अवैध होटल संचालक
बुद्ध विहार कॉलोनी में वीडीए की ओर से दो होटलों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई से दूसरे होटल संचालक सहमे हुए हैं। उन्हें भी होटल टूटने का डर सता रहा है। दरअसल यह काॅलोनी आवासीय है, लेकिन 24 सालों के भीतर पूरा इलाका कॉमर्शियल हो गया है। यहां 27 होटल चल रहे हैं। 

ज्यादातर होटलों का मानचित्र शमनीय नहीं है। किसी का वीडीए तो किसी का कमिश्नर कोर्ट में मामला चल रहा है। कुछ होटलों का मामला शासन स्तर पर पेंडिंग है। इस कार्रवाई के बाद एक बार फिर से अवैध होटलों पर कार्रवाई की आस जग गई है।



नगर निगम सर्वे कर अवैध होटल और बरात घर खोजेगा
नगर निगम ने अब तक 1146 होटल और 199 बरात घर का सर्वे किया है। इस पर मेयर अशोक कुमार तिवारी ने दोबारा सर्वे कराने को कहा है। इस काम में क्षेत्रीय पार्षदों का भी सहयोग लेने को कहा है। वर्तमान में 1146 होटलों, लॉज और धर्मशालाओं के पास लाइसेंस है। जबकि शहर में 3250 होटल, धर्मशाला और लॉज चल रहे हैं। अब भी शहर में 2104 अवैध होटलों का संचालन हो रहा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें