वाराणसी जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों में चल रही मोबाइल फ्लू क्लीनिक में बुधवार को 11369 लोगों की जांच की गई। इसमें से कुल 88 लोगों में कोरोना के संदिग्ध लक्षण मिले। जिन्हें जांच के लिए दीनदयाल अस्पताल और शिवपुर स्थित शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रेफर किया गया। साथ ही यह भी चेतावनी दी गई कि जांच न कराने पर उनके विरोध विधिक कार्यवाही भी की जाएगी।
उधर राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल ने दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल और शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शिवपुर में पहुंचकर सैंपल कलेक्शन सेंटर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जिलाधिकारी के निर्देश पर चल रही क्लीनिक में बुधवार को शहर में कुल 7929 मरीज देखे गए, जिसमें सात लोगों में कोरोना के संदिग्ध लक्षण मिलने पर उन्हें जांच के लिए रेफर किया गया, जबकि 385 लोग सामान्य सर्दी, खांसी, जुकाम वाले मिले। अब तक शहरी क्षेत्र से कुल 128 लोगों को कोरोना संक्रमण की जांच के लिए रेफर किया जा चुका है।
ग्रामीण क्षेत्र से 81 लोग जांच के लिए रेफर
ग्रामीण क्षेत्र में चल रही विलेज फ्लू क्लीनिक में बुधवार को 3440 लोगों की जांच की गई, जिसमें 502 लोग सर्दी, जुकाम, डायबिटीज, टीबी से पीड़ित मिले। इस दौरान 81 लोगों को कोरोना संक्रमण की जांच के लिए रेफर किया गया। कुल 958 लोगों को बुधवार को होम क्वारंटीन किया गया।
जिलाधिकारी ने बताया कि दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल और आरएफपीटीसी शिवपुर में कोई भर्ती नहीं है, जबकि सर सुंदरलाल अस्पताल में एक व्यक्ति भर्ती हैं। इसके अलावा दीनदयाल उपाध्याय के आइसोलेशन वार्ड में 14 पॉजिटिव मरीजों का इलाज चल रहा है। बताया कि अब तक माइक्रोबायोलॉजी विभाग बीएचयू में कुल 668 नमूने जांच के लिए भेजे गए, जिसमें 189 के परिणाम आने बाकी हैं।