वाराणसी। मुकद्दस रमजान का चांद देखते ही दुआ के लिए हाथ उठ गए। जिस इबादत की घड़ी का मोमिनीन को इंतजार था वो रब की इबादत की घड़ी आ गई। चांद के दीदार के साथ सोमवार की शाम से मुकद्दस रमजान शुरू हो गया। सभी ने एक दूसरे को रमजान के चांद की मुबारकबाद दी। मंगलवार को मोमिनीन पहला रोजा रखेंगे। पूरे महीने केवल इबादत ही इबादत होती है इसलिए इसे रब का महीना कहा जाता है।
सोमवार को चांद दिखने के साथ ही सोमवार की रात इशा की नमाज के बाद मस्जिदों में तरावीह की नमाज शुरू हो गई। शहर की विभिन्न मस्जिदों में तीन दिनों से लेकर 27 दिनों तक तरावीह होगी। शिया जामा मस्जिद के प्रवक्ता हाजी सैयद फरमान हैदर करबलाई ने बताया कि शहर भर के मुसलमान भाइयों ने रमजान का चांद देखते ही इबादतों का सिलसिला शुरू कर दिया। मस्जिदों में नमाज के साथ दुआख्वानी का भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। शहर की करीब 30 शिया मस्जिदों में रोजाना नमाज और अफ्तार का आयोजन होगा। इस अवसर पर शिवपुर, अर्दली बाजार, नक्खीघाट, लाटसरैया, दोषीपुरा, अलईपुरा, बड़ी बाजार, कमालपुरा, रसूलपुरा, छित्तनपुरा, कच्चीबाग, चौहट्टा लाल खां आदि क्षेत्रों में नमाज अदा की जाएगी। उन्होंने बताया कि मात्र बनारस ही एक ऐसा शहर है जहां मौलाना पूरे शहर में अलग-अलग दिन अलग-अलग स्थानों पर नमाज अदा करवाते हैं। इस साल रमजान की खास बात यह है कि मौला अली की शहादत का 14 सौ साल पूरा होगा।