वाराणसी के सामने घाट पुल से गंगा में छलांग लगाने वाले टेंट व्यवसायी रामरतन पटेल (52) का दूसरे दिन मंगलवार को भी पता नहीं लगा। वहीं, रामरतन के भाई चंद्रबली पटेल के अनुसार उनके भाई ने वीडीए की लचर कार्यशैली से आजिज आकर गंगा में छलांग लगाई है।
लंका थाना अंतर्गत छित्तूपुर में रहने वाले चंद्रबली पटेल के अनुसार वीडीए की हबीबपुरा आवासीय योजना के लिए उनकी जमीन अधिग्रहीत की गई थी। सालों बीत गया लेकिन जमीन का मुआवजा नहीं मिला। इसके चलते उनके भाई रामरतन रामनगर में किराये के मकान में रहते थे।
बीते छह मार्च को प्रदेश सरकार के आवास एवं शहरी नियोजन विभाग के अनु सचिव ने डीएम और वीडीए उपाध्यक्ष को पत्र भेजा था कि मुआवजा देकर 15 दिन के भीतर रिपोर्ट भेजी जाए। इसके बावजूद वीडीए ने कोई कार्रवाई नहीं की।
किराये के मकान में रहने और मुआवजा न मिलने से परेशान रामरतन ने आजिज आकर सोमवार की रात सामने घाट पुल से गंगा में छलांग लगा दी। उधर, रामरतन की पत्नी सुमन देवी और बेटे-बेटियों का रो-रोकर बुरा हाल है। उधर वीडीए के अधिकारियों ने इस मामले की जांच कराने को कहा है।