चौरी। इलाके के महुआपुर में रविवार को दो दिवसीय राज्य स्तरीय कृषि गोष्ठी का शुभारंभ किया गया। जिसमें किसानों की आय को दोगुनी करने और प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। कृषि वैज्ञानिकों ने कृषि उन्नति की जानकारी देते हुए सरकार की ओर से चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी।
जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने सरस्वती प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से कई योजनाएं चल रही है। किसान अनुदानित योजना का लाभ उठाकर अपनी माली हालत को बेहतर कर सकते हैं। पाली हाउस, ग्रीन हाउस बागवानी मशीनीकरण के तहत तहत मटर, गाजर, मूली, विभिन्न प्रकार की पत्तेदार सब्जियां, दलहनी फसलें, तिलहनी फसलें, कृषि फसलें, औषधीय फसलों में मिनी स्प्रिंकलर, माइक्रो स्प्रिंकलर, सेमी परमानेंट, पोर्टेबल एवं लार्ज वैक्यूम स्प्रिंकलर के जरिए कम पानी में बेहतर सिंचाई की जा सकती है। उन्होंने अधिक से अधिक किसानों तक योजना का लाभ पहुंचाने के लिए जिला उद्यान अधिकारी को निर्देश दिया। नैनी विश्वविद्यालय से आए कृषि वैज्ञानिक डॉ. शिशिर कुमार ने जल संरक्षण और उसके उपयोगिता के बारे में बताया। कहा स्प्रिंकलर के जरिए सिंचाई कर कम पानी में फसलों को अधिक पोषक दिया जा सकता है। इससे जहां जल का संरक्षण होने के साथ अच्छी उपज होती है। उप निदेशक अरविंद सिंह ने कहा कि किसान कृषि की आधुनिक तकनीकि के जरिए कम समय में ही अपनी आय को दोगुनी कर सकते हैं। कार्यक्रम का संचालन जिला उद्यान अधिकारी डॉ. शैलेंद्र देव दूबे ने किया। इस मौके पर सीडीओ हरिशंकर सिंह, अवधेश मिश्रा, सुुुुभाष, रामेश्वर सिंह आदि रहे।