वाराणसी। किताबी ज्ञान के साथ-साथ ज्ञानवर्धक गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का निर्माण करना हमारी राष्ट्रीय शिक्षा की प्राथमिकता होनी चाहिए। इलेक्ट्रॉनिक गैजेट में फंसी युवा पीढ़ी को मानवीय संवेदना बढ़ाने वाले खेलकूद का व्यापक प्रसार करके रिश्तों में मजबूती लाना चाहिए। उक्त विचार राज्यमंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने शनिवार को व्यक्त किए। वह महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के युवा महोत्सव के समापन समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
विशिष्ट अतिथि जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय बलिया के कुलपति प्रो. योगेंद्र सिंह ने कहा कि डर के आगे जीत है। इसे सकारात्मक रूप से देखना होगा। कुलपति प्रो. टीएन सिंह ने कहा कि प्रदेश स्तर पर युवा महोत्सव का आयोजन करके हम युवाओं का व्यक्तित्व निर्माण कर सक ते हैं। छात्र कल्याण संकायाध्यक्ष प्रो. रवि प्रकाश पांडेय ने बताया कि डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा से 16, इलाहाबाद विश्वविद्यालय से 18, जननायक चंद्र्रशेखर विश्वविद्यालय से 33, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से 14, काशी विद्यापीठ से 380, महाविद्यालयों से 130 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया।