वाराणसी। महापौर पति और जोनल अधिकारी के बीच हुए विवाद को एक बार फिर से विपक्षियों ने हवा दे दी है। साझा मंच के बैनर तले कांग्रेस, सपा, बसपा, निर्दलीय पार्षदों ने सदन की मर्यादा के सवाल पर टाउनहाल के बाहर धरना प्रदर्शन किया। विपक्षी पार्षदों ने कहा कि निर्वाचित सदन की अपनी एक गरिमा होती है। मिनी सदन भी अपनी गरिमा है। ऐसे में मनमाने तरीके से राजनीतिक दल के आयोजन के लिए मिनी सदन को देना शर्मनाक है। साथ ही नगर आयुक्त को चेतावनी दी गई कि इस मामले में अपना स्पष्टीकरण देते हुए माफी मांगे। ऐसा नहीं हुआ तो सदन के पार्षद सड़क पर आंदोलन करेंगे।
विपक्षी पार्षदों ने कहा कि मैदागिन स्थित टाउन हॉल के गांधी भवन नगर निगम के निर्वाचित पार्षदों के लिए सदन के रूप में घोषित किया जा चुका है। ऐसे में किसी भी पार्टी के कार्यक्रम के लिए इसे देना अनुचित है। इस कार्यक्रम के बाद प्रदर्शन करने वाले पार्षदों ने नगर निगम में निर्वाचित होने के एक साल पूरे होने पर टाउनहाल स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने केक काटकर एक दूसरे का मुंह मीठा कराया। प्रदर्शन करने वालों में पार्षदों में कमल पटेल, अजीत सिंह, अनिल शर्मा, गोपाल यादव, अंकित यादव, हारून अंसारी, साजिद अंसारी, मिथिलेश साहनी बच्चा, बेलाल अहमद, बेलाल अंसारी, राघवेंद्र चौबे, पूर्व पार्षद वरुण सिंह, पुन्नू लाल बिंद, महिला पार्षद पूनम विश्वकर्मा, जमाल अंसारी, तुफैल अंसारी, इम्तियाज अहमद, मनोज स्वर्णकार, राजेश पासी, दूधनाथ राजभर आदि पार्षद शामिल रहे।
इनसेट
कमिश्नर ने सुलझाया, विपक्षियों ने उलझाया
जिस मसले को कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने एक दिन पहले निबटा दिया था। उस मामले को विपक्षियों ने फिर उलझा दिया है। चार दिनों तक नगर निगम का कामकाज ठप होने की जानकारी के बाद कमिश्नर ने कर्मचारी संघ के नेताओं को कमिश्नर ने बुलाया और उन्हें समझा बुझाकर मना लिया। कर्मचारी मानने के बाद काम भी करने लगे लेकिन विपक्षियों ने एक बार फिर से नगर निगम की राजनीति को गरमा दिया है।