वाराणसी। श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के यज्ञशाला में तैनात दो शास्त्री को सोमवार को मंदिर के कार्य से हटा दिया गया। यह कार्रवाई मंदिर न्यास की ओर से की गई। इन दोनों के चयन के दौरान गड़बड़ी होने का आरोप था।
श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में हर काम के लिए अलग अलग शास्त्री, आचार्य, अर्चक और सेवादार तैनात किए गए हैं। सोमवार को मंदिर न्यास के अध्यक्ष आचार्य अशोक द्विवेदी ने यज्ञशाला में तैनात दो शास्त्री राकेश पाराशर और तीर्थराज त्रिपाठी को हटाया गया है। मंदिर प्रशासन का कहना है कि इन दोनों की वजह से मंदिर की छवि धूमिल हो रही है। इसलिए इन लोगों को हटाया गया है। मंदिर के सीईओ विशाल सिंह ने बताया कि दो लोगों को न्यास अध्यक्ष ने हटाया है। वैसे भी कॉरिडोर में यह यज्ञशाला भवन टूटेगा और नया बनाया जाता है। इसके लिए शासन से बजट भी मिल गया है, लेकिन इस बजट को श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर में ही नया बनाया जाएगा।
ठेकेदारों संग हुई बैठक
मंदिर में हो रहे कार्य को लेकर सीईओ ने ठेकेदारों के संग बैठक की। इसमें उन्होंने चल रहे कार्यों के दौरान सुरक्षा उपकरणों का ध्यान देने, मानकों में ही काम करने और प्रदूषण को कम करने के लिए आवश्यक तैयारियां करने का निर्देश दिया।