ज्ञानपुर। विकास भवन स्थित आरईएस कार्यालय पर बृहस्पतिवार को टेंडर को लेकर दिनभर गहमागहमी रहने के बावजूद टेंडर न मिला। इस पर ठेकेदारों ने हंगामा किया, हालांकि प्रकरण को लेकर कोई अधिकारी खुलकर बोलना नहीं चाहता। ठेकेदारों ने आरोप लगाया कि चहेतों को काम देने के लिए सारी गणित की गई है।
अब 10 लाख से अधिक के कामों के लिए ई-टेंडर और इससे कम पर मैनुअल टेंडर होना है। उसी के तहत बृहस्पतिवार को आरईएस विभाग में पूर्वांचल और सांसद निधि के करीब डेढ़ करोड़ के कार्यों के लिए टेंडर का आवेदन मिलना था। इसको लेकर सुबह से ही वहां 20 से 30 की संख्या में ठेकेदार पहुंच गए थे। दोपहर तीन बजे तक किसी को भी टेंडर का आवेदन नहीं मिला। इससे नाराज ठेकेदारों ने हंगामा किया। आरोप लगाया कि सत्ता के दबाव में कुछ चहेतों को लाभ देने के लिए विभाग ने टेंडर ही नहीं किया। दबी जुबान आरोप लगाया कि गुपचुप तरीके से चहेतों को ठेका दे दिया जाएगा। प्रकरण को लेकर आरईएस के अधिशासी अभियंता विष्णु अग्रवाल का नंबर लगाया गया तो वह स्विच आफ मिला। डीएम राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि मामले को दिखवाएंगे।