वाराणसी। शिक्षक बनने को रुझान कुछ ऐसा है कि राज्य भर के बीएड कालेजों में पूल काउंसलिंग के बाद भी करीब 40 हजार से सीटें खाली रह गई हैं। प्रदेश भर के 1 लाख 42 हजार सीटों में से 70 फीसदी सीटें ही भर पाई हैं। पहली काउंसलिंग में करीब अस्सी हजार सीटें ही भर पाईं थीं। चार दिनों तक चली पूल काउंसलिंग के बाद भी कई प्राइवेट कालेजों में बीएड की सीटें अब भी खाली रह गई हैं।
बीएड में दाखिले के लिए सात जुलाई से पूल काउंसलिंग शुरू हुई थी। इससे पहले प्रथम चरण की काउंसलिंग के बाद 62,788 सीटें खाली रह गई थीं। इन सीटों पर दाखिले के लिए चार दिनों तक पूल काउंसलिंग हुई। इन चार दिनों तक हुई काउंसलिंग में तकरीबन 20 हजार सीटें भरने की संभावना है। ऐसे में करीब 42000 सीटें इस साल खाली रह जाएंगी। हालांकि इस बार बीएड में दाखिले को लेकर थोड़ा रुझान दिखा है। शहरी क्षेत्र के बीएड कालेजों की सीटें तो लगभग भर गई हैं लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में सीटें खाली हैं। बीएड काउंसलिंग के समन्वयक प्रो. चतुर्भुज नाथ तिवारी ने बताया कि पूल काउंसलिंग में तकरीबन 20 हजार लोगों ने काउंसलिंग कराई है। इसमें कितने लोग च्वाइस लॉक करते हैं, इसके बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी। 13 जुलाई को सीट आवंटन होना है।