वाराणसी। लहरतारा बौलिया से फुलवरिया रेलवे फाटक होते हुए सेंट्रल जेल रोड तक लगभग पांच किमी लंबी सड़क के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। मंगलवार को 39 जीटीसी में सेना, प्रशासन और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में जमीन के हस्तांतरण पर सहमति बन गई। इमिलिया घाट पर पुल बनाने की जिम्मेदारी किसी अन्य संस्था को दी जाएगी। विभागों के अधिकारियों की बैठक में सेना की 18.726 एकड़ क्लास ए की जमीन क्लास सी में हस्तांतरित कर दी गई।
बैठक में 39 जीटीसी के ब्रिगेडियर एसए रहमान और छावनी परिषद की सीईओ प्रोमिला जायसवाल के साथ प्रशासन और लोक निर्माण विभाग के अधिकारी शामिल थे। भूमि हस्तांतरण के बाद नौ अगस्त तक टेेंडर कर सड़क निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। जल्द ही सेना अपनी बाउंड्री पीछे करने काम शुरू कर देगी। सड़क की चौड़ाई 40 फीट होगी। इसमें रोड 30 फीट चौड़ी होगी। दोनों ओर पांच-पांच फीट का पाथवे और नाली बनाया जाएगा। लहरतारा से इमिलिया घाट तक की सड़क मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस (एमईएस) बनाएगी जबकि उसके आगे का काम लोक निर्माण विभाग को कराना है। बता दें कि विधानसभा चुनाव की अधिसूचना जारी होने से पहले ही केंद्रीय मंत्री डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने इस मार्ग निर्माण का शिलान्यास किया था लेकिन जमीन हस्तांतरित न होने के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका था।
सड़क बनने से ये होंगे फायदे
- शहर में लगने वाले जाम से मिलेगी सहूलियत
- ग्रामीण और शहर को जोड़ने में महत्वपूर्ण मार्ग होगा
- यातायात का दबाव कम होगा, समय की बचत होगी
- कैंटोमेंट छावनी के समीप नाले व इमलिया घाट पर पुल
- लहरतारा, कुम्हार, सरैया, घोसियान, पहलू का पुरा व सोनकर बस्ती का जुड़ाव
- सेंट्रल जेल की चहारदीवारी से सटी 25 फीट सड़क की बढ़ेगी चौड़ाई
- 40 फीट चौड़ा होगा लहरतारा से फुलवरिया मार्ग