वाराणसी। चोरी के सामान के साथ गिरफ्तार सारिक जमाल, मुश्ताक अहमद व जावेद नजमुद्दीन को कोर्ट ने दोषी पाया है। अपर जिला जज अष्टम लोकेश राय की अदालत ने सभी को दो वर्ष आठ माह के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर एक-एक माह की अतिरिक्त कैद होगी।
अभियोजन के एडीजीसी रोहित मौर्या के अनुसार मंडुवाडीह थाना प्रभारी अजीत मिश्रा 10 अक्टूबर, 2014 को गश्त पर थे। मुखबिर से सूचना मिली कि नाथूपुर में हुई चोरी के सामान के साथ आरोपी डीरेका परिसर के अंदर से रोहनिया होते हुए इलाहाबाद जाने वाले हैं। डीरेका परिसर में पुलिस ने घेराबंदी की। दो बाइक पर सवार चार लोग आते दिखे। पुलिस ने रुकने का इशारा किया तो वे भागने लगे और गिर पड़े। पूछताछ में अपना नाम सारिक जमाल, मुश्ताक अहमद और जावेद नजमुद्दीन निवासीगण बजरडीहा बताया था। तलाशी में उनके पास से लाखों रुपये मूल्य के जेवरात बरामद हुए थे।